- चैती मेला में कवि सम्मेलन और मुशायरा हुआ
छोटी काशी में ऐतिहासिक मेला चैती के सांस्कृतिक मंच पर स्थानीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने विभिन्न विधाओं की रचनाओं से दर्शकों को देर रात तक रोके रखा।
चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर मां गायत्री महाविद्यालय के प्राचार्य जटाशंकर सिंह की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि नवोदय इंटर कालेज के प्रबंधक हरद्वारीलाल वर्मा और नगर पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सांस्कृतिक मंच पर हुए स्थानीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में संचालन करते हुए डॉ. वेद प्रकाश अग्निहोत्री ने कहा-
राम नाम जिसने लिया उसका बेड़ा पार, जीवन में सुख-शांति का राम नाम आधार।
मधुकर शैदाई ने यूं कहा-
जीने का हक इन्हें भी है, हकदार बेटियां, दोनों कुलों को देती हैं ये प्यार बेटियां।।
तारिक इस्लाम तारिक ने हालात पर कहा-
मेरे माफिक माना कि हालात नहीं, फिर भी दिन को दिन ही कहूंगा रात नहीं।।
जीशान चमन ने कुछ यूं कहा-
मेरे दिल की ख्वाहिश है कि एक सामना होता, तू मुझ से बेखबर होती मैं एक आशना होता।।
सामने खड़े होकर तुझको देखता रहता, काश तू मेरे घर का एक आइना होता।।
आरिफ खान आरिफ ने कहा-
मेरी सदा में बुलंदी कहां ये आयेगी, मैं नर्म लहजा हूं नरमी से बात करता हूँ।
किसी के दिल को लगे ठेस न कभी ‘‘आरिफ’’, मैं बोलने में जरा एहतियात करता हूं।।
रितिक गुप्ता दर्पण ने कहा-
छीन ली जागीर सब उसने दुआओं की, मां बाप की खिदमत में अपना जाने तन कुरबान कर।
इशहाक अली ने नपाप अध्यक्ष पर पंक्तियां पढ़ीं-
ईश्वर को मानकर साक्षी, आई हैं मीनाक्षी शंकर की नगरी में, शंकर की नगरी में।।
बृजेश तिवारी बृजेश ने सुनाया-
हर सुमन एक सा नहीं होता, कोई हंसता है तो कोई रोता।।
अभिषेक मिश्रा निष्कर्ष ने कहा-
लगाना सास और ससुराल पर इल्जाम अब छोड़ों, बेटी का अब गर्भ में संहार होता है।
राजीव प्रकाश शर्मा चिंतक ने हास्य रस बिखेरा-
एक है सगी बीवी मेरी, और एक बीबी मुंहबोली है।
मुंहबोली है फुलझड़ी, सगी जैसे बंदूक की गोली है।।
गेंदनलाल कनौजिया ने कहा-
जन जन में बढ़े सरल प्रेम का सुहास, विमल सुकीर्ति को सुखद संविधान दो।
संतकुमार बाजपेयी संत ने कहा-
एकता का ऐसा दो प्रमाण हो निराशा दूर, भारत को खण्ड-खण्ड होने से बचाइये।
राम कुमार गुप्त ने कहा-
जाने कितने हुए हैं धनी और बलवान, राष्ट्रभक्त का किंतु है, सर्वोपरि सम्मान।।
बेनीराम अंजान ने कहा-
राजनीति के ठेकेदारों, कैसे देश बचा पाओगे। तूने इतना धन खाया है कैसे इसे पचा पाओगे।
कवि सम्मेलन में बेदिल भारती, प्रदीप त्रिवेदी, सुरेश हैयवंश, सुधीर अवस्थी, कन्हैया सिंह रास, अनंग वर्मा, श्रीपाल वर्मा, कनक तिवारी, रविसुत शुक्ल, रमेश पांडे शलभ, अमर फतेहपुरी आदि ने काव्यपाठ किया। इस मौके पर एनसीपी के जिलाध्यक्ष मकरंद सिंह एडवोकेट, हरद्वार बाजपेयी, शकील प्रधान, केजी त्रिवेदी, प्रेमा पाण्डे, आनन्द प्रकाश शुक्ला, अरविंद पांडे, प्रेमप्रकाश पाठक, रविशंकर, अरविंद कुमार, नीतेश, चंदन पांडे आदि मौजूद रहे।
मेलार्थियों को लुभाते हैं झूले
गोला गोकर्णनाथ। मेला में इस बार कई प्रकार के झूले आए हैं, जिन पर मेलार्थी बैठकर आनंद प्राप्त करते हैं। झूलों में ब्रेक डांस, रेलगाड़ी, नाव और चक्राकार झूले आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
चैती मेला में आज
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी में ऐतिहासिक चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर 17 अप्रैल रविवार को मुबारक एंड पार्टी बहराइच के कलाकार द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम रात्रि आठ बजे से।