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अलर्ट: किसान सम्मान निधि की किस्त दूसरे के खाते में तो नहीं जा रही

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लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू हुए एक साल बीता है, लेकिन अभी योजना की खामियों को पूरी तरह दूर नहीं किया जा सका है। काफी किसानों को अभी सम्मान निधि की एक भी किस्त नहीं मिली है, लेकिन उनके ऑनलाइन स्टेटस में पीएफएमएस से पैसा भेजे जाने की सूचना दर्शायी गई है। इसे देखने के बाद कई किसानों में खलबली मच गई है। अब तक करीब 30 किसानों ने उप निदेशक कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है।
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जिले के लाखों किसानों को अभी एक किस्त भी नहीं मिल पाई है, जबकि केंद्र सरकार एक साल की तीन किश्तें किसानों के बैंक खाते में भेज चुकी है। ऐसे में जिन किसानों को अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है, उन्हें अपना स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि बैंक खाता नंबर की फीडिंग में गड़बड़ी से किसानों के बजाय दूसरे के खाते में किश्तें पहुंच गई हैं। इस योजना में अब तक 6.29 लाख किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिसमें से छह लाख दो हजार 308 किसानों का सत्यापन करके डाटा लॉक किया जा चुका है। इसमें से चार लाख 10 हजार 762 किसानों को प्रथम किस्त के दो-दो हजार रुपये मिले हैं। जबकि तीन लाख 88 हजार 667 किसानों को दूसरी किस्त और तीन लाख 29 हजार 237 किसानों को तीसरी किश्त भेजी जा चुकी है।
स्टेटस से मिलेगी जानकारी, तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
जिन किसानों को अभी तक एक भी किस्त नहीं मिली है, उनके लिए खतरे की घंटी बज गई है। क्योंकि उनका पैसा किसी दूसरे के खाते पर जा रहा होगा और उन्हें इसका जरा भी आभास नहीं होगा। इसलिए तुरंत किसानों को अपना स्टेटस चेक करना होगा। यदि उनके स्टेटस में किस्त भेजे जाने की सूचना दर्शाई गई है, तो उसमें बैंक खाता का विवरण भी मिलेगा जिसमें पैसा भेजा गया है। उप निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी ने बताया है कि जिन किसानों के बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी हुई है, वो तुरंत ही शिकायत दर्ज कराएं। क्योंकि शिकायती पत्र को लखनऊ भेजा जाएगा, जहां से भारत सरकार के पास डाटा संशोधन के लिए भेजा जाएगा।
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नाम में अंतर है तो नहीं आएगी अगली किस्त
किसानों के आधार और खतौनी के नाम में अंतर पाया गया है। तो कुछ किसानों के बैैंक खाता और आधार के नाम में अंतर है। नाम के बीच स्पेस न होने से भी किस्त रुक सकती है। ऐसे किसानों के मोबाइल पर एसएमएस भेजे जा चुके हैं। जिन किसानों को एसएमएस नहीं मिला है, तो वह ऑनलाइन स्टेटस चेक करके पता कर सकते हैं। आधार के हिसाब से नाम की फीडिंग कराने के बाद ही किसानों के खाते में अगली किश्त भेजी जाएगी।
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- टीएम त्रिपाठी, उप निदेशक कृषि
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