बाघों की सुरक्षा को लेकर दक्षिण खीरी वन प्रभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह कदम पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माधोटांडा रेंज में गुरुवार सुबह हरदोई ब्रांच नहर बाइफरकेशन से एक नर बाघ का शव बरामद होने के बाद उठाया गया है।
डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने बाघों की निगरानी के लिए मैलानी, भीरा, मोहम्मदी और गोला रेंज में वन कर्मियों की टीमें गठित की हैं। इसमें गठित टीमें वन क्षेत्रों में बारी-बारी से 24 घंटे निगरानी करेंगी। टीमों को आधुनिक शस्त्रों और मोबाइल सेट से लैस किया गया है।
डीएफओ साउथ नीरज कुमार ने शुक्रवार दोपहर रेंज के अधिकारियों से वार्ता के बाद बाघों की सुरक्षा की रणनीत बनाई। उन्होंने बाघों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक रेंज में छह-छह वन कर्मियों की टीमें गठित की हैं। यह टीमें रेंजर के नेतृत्व में जंगल के संवेदनशील स्थलों की 24 घंटे निगरानी करेंगी। डीएफओ स्वयं इन टीमों की मॉनीटरिंग करेंगे। डीएफओ ने बताया कि बाघों के संभावित ठिकानों को चिह्नित कर लिया गया है। डिवीजन की मैलानी, भीरा और गोला रेंज में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा वन अपराधियों की गतिविधियाें पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि वन अपराधों के दृष्टिकोण से गर्मियों और सर्दियों का मौसम वैसे भी काफी संवेदनशील होता है। ऐसे में हमेशा ही जंगलों की निगरानी बढ़ाई जाती है, लेकिन पीलीभीत में हरदोई ब्रांच नहर में एक नर बाघ का शव मिलने के बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि मैलानी और गोला रेंज के घने जंगलों से होकर निकली खीरी ब्रांच नहर के दोनों तरफ विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए है। टीमों की गश्त के अलावा रुटीन गश्त भी तेज कर दी गई है। वह स्वयं भी गश्त करेंगे।
दिसंबर में खीरी ब्रांच नहर में भी मिला था शव
आठ दिसंबर 2014 को खीरी ब्रांच नहर में फरधान के पास एक नर बाघ का शव उतराता हुआ मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके फेफड़ों में पानी नहीं मिला था। विसरा जांच में डॉक्टरों ने जहर देने की पुष्टि की थी।