नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर चलेंगे आश्रम पद्धति स्कूल
पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर होगा स्कूल का नाम
प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों को प्रदेश सरकार नया स्वरूप देने जा रही है। अब यह विद्यालय पं. दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालयों के नाम से जाने जाएंगे। इन विद्यालयों की शैक्षिक और आवासीय व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा।
समाज कल्याण मंत्री ने यहां लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि आश्रम पद्धति विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए इन्हें नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर संचालित करने की योजना है। इन विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आश्रम पद्धति विद्यालयों की आवासीय व्यवस्था भी सुधारने की बात कही।
समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए सरकार प्रशिक्षण केंद्रों पर आईएएस और पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग कराएगी। उन्होंने बताया कि वृृद्धावस्था पेंशन और शादी अनुदान योजना का नाम भी बदलकर पं. दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया है।
उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में पारदर्शिता लाने के लिए आवेदन करने को कैलेंडर जारी कर दिया गया है। प्रदेश के बाहर अन्य प्रदेशों में स्थित मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के मास्टर डाटा बेस में शामिल होने के लिए आवेदन करने की तिथि 01 जून से 30 जुलाई तक निर्धारित की गई है। छात्र-छात्राएं 31 जुलाई से एक नवंबर 2017 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जबकि आवेदन की हार्डकापी संलग्रकों के साथ दो जुलाई से एक नवंबर तक शिक्षण संस्थाओं में जमा किए जा सकते हैं। त्रुटियों को दुरुस्त करने और ऑनलाइन सत्यापित, अग्रसारित करने लिए पांच दिसंबर से 21 दिसंबर तक समय दिया गया है।