प्राचार्य कार्यालय में वार्ता के दौरान मौजूद छात्र, एबीवीपी कार्यकर्ता, पुलिस, प्राचार्य व शिक्
ओयल। ग्राम ढखवा स्थित निजी फार्मेसी कॉलेज में प्राचार्य और छात्रों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। संस्थान में करीब तीन घंटे तक हंगामा चला। प्राचार्य के इस्तीफे के बाद ही मामला शांत हुआ।
सृजन इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के छात्र सिद्धार्थ गोस्वामी ने बताया कि उसके घर पर कोई नहीं था। वह घर जाना चाह रहा था। प्राचार्य त्रिभुवन सिंह से अनुमति लेने पहुंचा तो उन्होंने पिता से बात कराने को कहा। उसने बात करा दी। इसी बीच छात्र ने प्राचार्य पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके घर झूठी खबर दी कि सिद्धार्थ काॅलेज पढ़ने नहीं आता है। छात्र ने प्राचार्य से इस आरोप को सिद्ध करने की बात कही तो विवाद हो गया। आरोप है कि विरोध करने पर प्राचार्य ने उसे प्लास्टिक की पानी वाली पाइप से मारना शुरू कर दिया।
इसके बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। दोपहर करीब 12 बजे सूचना मिलने पर एबीवीपी से प्रखर मिश्र भी अपने साथियों के साथ संस्थान पहुंच गए। छात्र और छात्राओं ने कॉलेज के प्राचार्य पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। कॉलेज के प्राचार्य त्रिभुवन सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रबंधक के भाई व उनके अन्य सहयोगियों के आने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया है। पुलिस ने बताया कि मामले को लेकर किसी भी पक्ष से किसी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है।