सीतापुर के सीमावर्ती गांवों में बिजली चोरी का एक अजीब मामला सामने आया है। मढ़िया बाजार उपकेंद्र की बिजली लाइन से दबंगई के बल पर सीतापुर की लाइन जोड़ ली गई। इससे 25 गांवों में अनाधिकृत रूप से बिजली जलाई जा रही है। रविवार की शाम बिजली चोरी के इस मामले का खुलासा होने पर अधिकारी भी हक्के-बक्के रह गए। जिसके बाद एसडीओ ने मौके पर पहुंच कर बिजली लाइन अलग करवाई।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक मितौली क्षेत्र के मढ़िया बाजार में एक माह पहले ही उपकेंद्र से बिजली का संचालन शुरू किया गया है। नया उपकेंद्र होने की वजह से अभी बिजली लोड 20 से 25 एम्पीयर ही है। अधिकारियों का कहना कि पिछले कुछ दिनों से उपकेंद्र का बिजली लोड बढ़कर 80 से 85 एम्पीयर हो गया। अचानक उपकेंद्र का लोड बढ़ने की सूचना मिलने पर इलाकाई एसडीओ आरबी सिंह और जेई अमित भारद्वाज भी सकते में आ गए। दोनों अधिकारियों ने उपकेंद्र पहुंच कर सीतापुर जिले की सीमा से गुजरी बिजली लाइन की पेट्रोलिंग करवाई तो पता चला कि सीतापुर की सीमा में बनी बिजली लाइन से मढिृया बाजार उपकेंद्र से जुड़ी बिजली लाइन को जोड़ दिया गया है। यह देखकर एसडीओ ने आनन-फानन में बिजली लाइन अलग कराई, जिसके बाद उपकेंद्र का बिजली लोड सामान्य हो सका। वहीं सीमावर्ती गांवों में लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो गई। एसडीओ के मुताबिक इस कार्रवाई के बाद सीतापुर के क्षेत्रीय नेताओं के धमकी भरे फोन आने लगे और अधिकारियों की भी धौंस दी जाने लगी। इस बाबत एसडीओ ने सीतापुर सर्किल के अधीक्षण अभियंता को भी अवगत कराया है। उनका कहना है कि सीतापुर सीमा से जुड़े इलाकाई बिजली अधिकारी भी इस बाबत चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि बिजली सप्लाई जुड़ने संबंधी उन्हें कोई निर्देश नहीं मिला है। ऐसे में खीरी जिले को राजस्व भी नहीं मिलेगा और लाइन लास भी बढ़ेगी।