प्रति बीघा आती है 15,000 से 18,000 तक लागत
हैरमखेड़ा निवासी किसान अवनीश वर्मा ने बताया कि खीरे की खेती में प्रति बीघा 10 से 12 हजार रुपये का मुनाफा होता है, वो भी सिर्फ चार माह में। खीरे की फसल मई में बोई जाती है, जो अगस्त अंत तक कट जाती है। एक बीघे में 15,000 से 18,000 तक की लागत आती है, जो 25,000 से 30,000 तक नकद में बिकता है। खेती की लागत में बांस, प्लास्टिक तार, खाद और बीज शामिल होते हैं।
अत्याधिक बारिश में खराब हो जाता है खीरा
खीरे की फसल के लिए अत्याधिक बारिश नुकसानदायक होती है। ज्यादा बारिश में खीरे की नार से खीरा निकलता ही नहीं है। खीरे की खेती करने के लिए किसान अपने खेतों में कुछ-कुछ दूरी पर बांस लगा देते हैं। उसी बांस पर खीरा पनपता है।
परिवहन की बेहतर सुविधा हो तो और बढ़े मुनाफा
स्थानीय किसानों का मानना है कि अगर मार्केटिंग और परिवहन की बेहतर सुविधा मिले तो खीरे की बिक्री और उत्पादन दोनों में कई गुना वृद्धि हो सकती है। इस तरह मैगलगंज का खीरा न सिर्फ किसानों की आय का स्रोत बन रहा है, बल्कि उत्तर भारत के कई बड़े बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है।