पूरे एक सप्ताह तक कोहरे और आसमान में हल्के बादल छाए रहने के बाद मंगलवार को खिलकर धूप निकली तो जैसे लोगों की जान में जान आई। मौसम खुशनुमा हो गया और शहर में एक बार फिर रौनक लौट आई। बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। लोग गुनगुनी धूप सेंकने के लिए अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि शाम को गलन बढ़ जाने से लोग फिर परेशान हुए।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 19.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 07.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सुबह नौ बजे आसमान में सूरज चमका तो लोगों के चेहरे खिल उठे। कुछ ही देर में सुनहरी धूप धरती पर बिखर गई। लोगों ने अपने घरों के लॉन और छतों पर जाकर गुनगुनी धूप का आनंद लिया। सप्ताह भर में सील चुके कपड़े और बिस्तर लोगों ने धूप मेें सुखाए।
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के दिन मौसम खुशनुमा होने का लोगों ने खूब फायदा उठाया। भारी भरकम कपड़ों से निकलकर लोगोें ने धूप का मजा लिया। घरेलू और बाजार के कामकाज निपटाए। इससे मंगलवार को रोज की अपेक्षा बाजार में ज्यादा चहल-पहल रही। धूप निकलने से प्रकृति खिल उठी।
पलियाकलां। विगत कई दिनों से जारी शीत लहर के कारण मंगलवार को करीब 12 बजे लोगों को सूर्य के दर्शन हुए। इसके बाद धूप खिलते ही लोगों को राहत मिली। अच्छी धूप खिलने पर लोगों ने कपड़े आदि भी सुखाए।
मैलानी। दो दिनों तक छाए रहे घने कोहरे के बाद मंगलवार को धूप खिली। धूप से खासकर बुजुर्गों और बीमारों को सर्दी से राहत मिली। छतों पर लोगबाग, महिलाएं और बच्चे धूप सेंकते नजर आए। बाजार में भी दो दिनों के बाद चहल-पहल दिखाई दी। उधर दिन में तो सर्दी से राहत मिली, वहीं शाम होते ही गलन बढ़ गई।
बार्डर क्षेत्र में ठंड से ठिठुर रहे लोग
कस्बे में कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रशासन ने किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अलाव जलवाने और कंबल वितरण का इंतजाम नहीं किया है। इसके चलते लोग ठंड में लोग ठिठुर रहे हैं।
बार्डर इलाके में कड़ाके की ठंड का प्रकोप कई दिनों से जारी है। पहाड़ों से आने वाली सर्द हवाओं से हांड़ कंपाने वाली ठंड से लोग परेशान हैं। प्रशासन ने अभी तक यहां किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की है। वहीं गरीबों को कंबल वितरण भी नहीं किया गया है।
एसडीएम निघासन प्रमिल कुमार सिंह के अनुसार कस्बे में अलाव जलवाने का इंतजाम किया जा रहा है। शीघ्र ही अलाव जलवाए जाएंगे और गरीबों के लिए 726 कंबल आए थे। इनका वितरण पूरी तहसील के 120 गांवों में किया जा चुका है। लोगों को ठंड से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।