सीएम की मंशा पर खरा नहीं उतरा सरकारी तंत्र
नगर पालिका का दावा 40 फीसदी सड़कें गड्ढामुक्त
शहर में पैच मरम्मत पर दो करोड़ से अधिक खर्च
खानापूर्ति: मरम्मत के नाम पर सीमेंट की ईंटें लगाईं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश दिया था, लेकिन संबंधित विभाग लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहे हैं। कुछ विभागों ने जून में कार्य की शुरुआत की है। नगर पालिका लखीमपुर ने लक्ष्य के सापेक्ष 40 फीसदी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा किया है, जिस पर दो करोड़ से अधिक धनराशि व्यय हो चुकी है। लेकिन शहर की सड़कों को देखकर अभियान का अंदाजा लगाना मुश्किल है, क्योंकि ज्यादातर सड़कों पर गड्ढों की संख्या कम नहीं हुई है। कुछ जगहों पर पैच लगाने के नाम पर सीमेंट की ईंटें लगाई गई है।
शहर में नगर पालिका का कार्यक्षेत्र 30 वार्डों तक सीमित है, जिसमें 38.59 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष नगर पालिका ने 12.27 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया है, जो लक्ष्य का करीब 40 फीसदी है। जेई मनोज गुप्ता के मुताबिक बजट की उपलब्धता न होने से कार्य पूरा कराने में अड़चनें आई हैं, जिससे समय पर कार्य पूर्ण नहीं कराया जा सका। अभी तक करीब दो करोड़ रुपये ठेकेदारों को भुगतान किया जा चुका हैै। वहीं कलक्ट्रेट गेट से शाहपुरा कोठी मार्ग पर सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। जबकि इसी मार्ग पर भाजपा सांसद अजय मिश्रा टेनी का कार्यालय स्थित है। सिकटिहा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसका नए सिरे से बनने का प्रस्ताव है। लेकिन काम कब शुरू होगा, जिसका अभी अधिकारियों को भी पता नहीं है। तब तक मरम्मत भी नहीं कराई गई।
पीडब्ल्यूडी ने 90 फीसदी से अधिक कराया काम
पीडब्ल्यूडी के तीन डिविजनों को कुल 1370 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कराना था, जिसमें पैच मरम्मत, सामान्य मरम्मत और विशेष मरम्मत जैसे कार्य शामिल हैै। अधिशाषी अभियंता अजय शंकर सिंह ने बताया कि 1250 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त कराया गया है। सामान्य मरम्मत और विशेष मरम्मत के कार्यों में शेष कार्य अक्तूबर में कराया जाएगा। अभी तक 55.38 करोड़ के सापेक्ष 10.84 करोड़ धनराशि प्राप्त हुई है।