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‘भुगतान मांग रहे हैं, भीख नहीं’

Tue, 02 Feb 2016 11:49 PM IST
पलियाकलां।
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सोमवार को गन्ना भुगतान लेने के लिए किसानों के चक्काजाम को भले ही बल पूर्वक खत्म करा दिया गया लेकिन उनके हौसले इससे कम नहीं हुए हैं। किसानों ने सोमवार को चक्काजाम खत्म होने के बाद जो धरना शुरू किया था वह मंगलवार को भी जारी रहा। किसानों ने कहा कि वे किसी से भीख नहीं अपने गन्ने का बकाया मांग रहे हैं। इस बीच उनको मनाने के लिए जिला गन्ना अधिकारी भी पहुंचे और उनसे वार्ता की लेकिन किसान राजी नहीं हुए जिसके कारण उनको बैरंग होना पड़ा।
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किसानों ने सोमवार को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए चीनी मिल गेट के सामने पलिया-भीरा मार्ग पर जाम लगा दिया था और वहां बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इस बीच किसानों को मनाने आए जीएम केन ओपी चौहान को भी उन्होंने अपने कब्जे में कर धरना स्थल पर ही बैठा लिया था। इसको देखते हुए यहां भारी पुलिस बल लगा दिया गया था और एसडीएम आलोक वर्मा ने यहां आकर चीनी मिल अधिकारी को तो मुक्त करा दिया लेकिन समस्या का हल नहीं निकाल पाए। उन्होंने चीनी मिल अधिकारियों से वार्ता कर किसानों को प्रस्ताव दिया कि मिल किसानों को दस करोड़ रुपये का भुगतान अगले बुधवार तक कर देगी। चीनी देने का भी प्रस्ताव इसमें शामिल था। किसान इससे सहमत नहीं हुए थे आखिरकार पुलिस ने डंडे फटकारते हुए देर शाम साढ़े आठ बजे उनका जाम खत्म करा दिया था। इसके बाद किसान मिल के सामने ही धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को किसानों ने कहा कि वह भीख नहीं अपना भुगतान मांग रहे हैं। यह भुगतान वह है जो चीनी मिल ने उनके गन्ने से बनाई गई चीनी को बेचकर अपने पास रख लिया है। सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बुंदु मियां, किसान मजदूर पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनप्रीत सिंह, उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह सोनी आदि का कहना है कि मिल ने 70 करोड़ रुपये की चीनी बेची है और उसमें महज 16 करोड़ का ही भुगतान किया है जब कि नियमों के मुताबिक बेची गई चीनी का 85 प्रतिशत भुगतान किया जाना चाहिए था। इसके हिसाब से करीब 43 करोड़ रुपये बनते हैं और मिल सिर्फ दस करोड़ ही देना चाह रही है। आरोप लगाया कि प्रशासन भी इसी को मनवाने पर लगा है जब कि प्रशासन को मिल से यह रकम दिलवानी चाहिए। इसी बीच डीसीओ जगदीश यादव भी यहां पहुंच गए और किसानों से वार्ता कर यही प्रस्ताव रखा लेकिन किसान नहीं माने और उनसे कई सवाल कर डाले। जिसके चलते उनकेे बैरंग होना पड़ा। इस दौरान गुुरदेव सिंह, तरसेम सिंह, सिराजुददीन, समीर कपूर, सुनील गुप्ता, इंद्रजीत सिंह, धनश्याम दिवाकर, नयरुल इस्लाम खान, सुहैल खान, अरविंद कश्यप, प्रताप मौर्या, राजपाल, काकू सिंह, बिटटू सिंह, शेर सिंह सेखों, राम सहाय गौतम, रिंटू शर्मा, मंजीत सिंह, जीवन सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, बलराज सिंह, जितेंद्र यादव आदि किसान मौजूद रहे।
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नगर व्यापार मंडल ने दिया समर्थन
नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंच कर किसानों को अपना समर्थन दिया। यहां उन्होंने केन सोसायटी अध्यक्ष श्री कपूर को अपना समर्थन पत्र भी सौंपा जिसमें कहा गया है कि गन्ना मूल्य भुगतान  न होने के कारण किसानों को ही नहीं उनको भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाजार में बिक्री नहीं रह गई है। उन्होंने कहा है कि वे किसानो के साथ हैं। समर्थन पत्र देन वालों में नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष अनूप मिश्रा, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अमर गुप्ता, महामंत्री चांद कुमार जैन, कोषाध्यक्ष अनिल वर्मा, तहसील महामंत्री आरडी राय, युवा नगर महामंत्री दिनेश जिंदल आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को फिर चक्काजाम, बंदी की चेतावनी
किसानों ने कहा है कि उनकी मांग को बुधवार तक नहीं माना जाता है तो वे बृहस्पतिवार को चक्काजाम करेंगे और इसके साथ ही व्यापार मंडल के सहयोग से बाजार बंदी भी की जाएगी। इसमें वकीलों, व्यापारियों से वार्ता हो रही है वहीं स्कूलों के प्रबंधकों से वार्ता की जाएगी ताकि इस दिन स्कूल भी बंद रहें। रणनीति बनाई जा रही है कि शहर में जुलूस भी निकाला जाए।
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