लखीमपुर खीरी।
जिले से गुजरने वाले अधिकांश रोडवेज बसें बाइपास से निकल जाती है, जबकि स्टैंड पर यात्री इंतजार करते रह जाते हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं अधिकांश चालक बाइपास से भी लोकल यात्रियों को नहीं बैठाते हैं, वो सिर्फ लंबी दूरी की सवारियां के लिए बस का गेट खोलते हैं।
जिले से गुजरने वाले रोडवेज बसों की यह मनमानी लंबे समय तक चल रही है, लेकिन अभी तक परिवहन निगम के अफसरों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। लखीमपुर से रोजाना सैकड़ों रोडवेज बसें गुजरते है, जिसमें शायद ही कोई बस लखीमपुर स्टाॅप पर आती हो। लंबी दूरी की बसों के चालक व परिचालक मनमानी तो कर ही रहे हैं। साथ ही लोकल बसें भी लखीमपुर में स्टैंड तक नहीं आतीं।
सीतापुर, गोला, पीलीभीत, बरेली, बहराइच आदि डिपो की बसें भी बाइपास से निकल जाती हैं। गनीमत है कि यह बसें लोकल सवारियों तो बैठा लेती हैं, लेकिन लंबी दूरी की बसें लोकल सवारियों नहीं बैठाती हैं। ऐसे में सवारियां इधर-उधर भटकती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं। कई बसें दिल्ली से रुपईडीहा तक चलती है, जिसमें लखीमपुर की अधिकांश सवारी होती हैं। इसमें कई बसें बाइपास पर ही सवारियों को उतार देती हैं।
आए दिन यात्रियों से होती है नोकझोंक
सीतापुर, गोला आदि कई डिपो की बसें लखीमपुर बस स्टाॅप पर नहीं जाती हैं, जबकि यात्री बस स्टाॅप पर लेकर चलने को कहते है। इस बात पर यात्री और परिचालकों के बीच आए दिन नोकझोंक होने लगती है। गोला निवासी अविनाश ने बताया कि वे रोजाना लखीमपुर आते है। कुछ बसों के चालक एलआरपी पर ही उतार देते है, जिससे काफी दिक्कतें होती हैं। जब उनसे बस स्टाॅप पर चलने को कहते हैं तो वह विवाद करने पर उतारू हो जाते हैं।
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मामला संज्ञान में आया है कि कुछ बसें स्टैंड पर नहीं लाई जाती है। इसकी चेकिंग के लिए लखीमपुर एआरएम को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-इं. रमेश कुमार, एआर हरदोई परिक्षेत्र