फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यात्री बढ़ने के बाद भी घट गई लखीमपुर बस डिपो की आय

Thu, 29 Dec 2016 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश परिवहन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
प्रति बस हो रहा है रोजाना एक हजार रुपये का नुकसान
विज्ञापन

ऐशबाग मैलानी के बीच ट्रेनों का संचालन बंद होने के बाद जिले में डग्गामार वाहनों की भरमार हो गई है, जिससे लखीमपुर बस डिपो को यात्रियों की संख्या में हुई बढोतरी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शहर से अवैध रूप से संचालित होने वाले डग्गामार वाहनों से डिपो की आय प्रभावित होने लगी है। हालांकि एआरएम ने डग्गामारी कर रहे वाहनों की नंबर सहित सूची एआरटीओ को सौंपी है, लेकिन ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है।
अमान परिवर्तन की खातिर सीतापुर और मैलानी के बीच ट्रेनों का संचालन 15 अक्तूबर को बंद हुआ था, जिससे ट्रेन से रोजाना आने जाने वाले करीब छह हजार यात्रियों के लिए परिवहन निगम ने लखीमपुर डिपो में बसों की संख्या 54 से बढ़ाकर 80 कर दी, जिससे यात्रियों को आने जाने में कोई असुविधा न हो और डिपो की आय भी बढ़ सके, लेकिन डग्गामार वाहनों की भरमार ने राजस्व बढ़ोतरी को लेकर देखे गए निगम अधिकारियों के सपनों पर पानी फिरना शुरू हो गया है, जिससे प्रति बस को प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये क्षति उठानी पड़ रही है।
विज्ञापन


प्रति बस आय में आई कमी
एआरएम का कहना है कि ट्रेनों के संचालन के समय डिपो में 54 बसें थी और प्रतिबस आय नौ हजार रुपये के करीब थी, लेकिन ट्रेनें बंद हो जाने के बाद इसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए थी, लेकिन डग्गामारी के कारण यह सिर्फ आठ हजार रुपये ही रह गई है।

एआरटीओ की दी गई है डग्गामार वाहनों की सूची
 एआरएम वीके गोस्वमी का कहना है कि डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए एआरटीओ को करीब तीन दर्जन वाहनों की सूची नंबर सहित सौंपी जा चुकी है। वहीं एआरएम शाहजहांपुर ने भी पलिया से दिल्ली के बीच चल रहीं करीब 15 और गौरीफंटा से दिल्ली, मथुरा, मुंबई, सूरत, राजकोट और पूना के बीच चलने वाले दो दर्जन से अधिक डग्गामार वाहनों की सूची नंबर सहित एआरटीओ को भेजी है।

‘कार्रवाई की जिम्मेदारी एआरटीओ की’
दर्जनों डग्गामार वाहन जिले से सवारियां ढो रहे हैं। इन वाहनों पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी एआरटीओ की है, लेकिन वह इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जबकि इस मामले में कई बार उनसे वार्ता भी की जा चुकी है।
विज्ञापन

-वीके गोस्वामी एआरएम

‘जल्द ही देखेंगे मामला’
समय-समय पर अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की जाती है। डग्गामार वाहनों से रोडवेज की आय में कमी की कोई संभावना नहीं है, फिर भी यदि ऐसा कहा जा रहा है तो वह इसे देखेंगे।
-पीके सिंह, एआरटीओ
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें