बाढ़ और कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर बसाए जाने और बाढ़ कटान रोकने के स्थाई उपाय किए जाने की मांग को लेकर एपवा के बैनर तले महिलाओं ने गुरुवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। अपनी मांगों को लेकर महिलाएं विलोबी मेमोरियल हाल के मैदान पर बुधवार से बेमियादी धरने पर हैं।
धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले केंद्रीय कमेटी की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं की ओर से पूरी तरह उदासीन है। बाढ़ से हर साल भारी तबाही होती है लेकिन बाढ़ और कटान को रोकने के ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग बाढ़ रोकने का प्रयास तब शुरू करता है जब बाढ़ आने को होती है। डीएम के निर्देश पर बेचनपुरवा के निकट ठोकरों का निर्माण कराया गया था वह बारिश होने के साथ ही बह गया। तहसील रिकार्ड के अनुसार फूलबेहड़ क्षेत्र में केवल एक गांव जंगल नंबर 11 ही नदी में कटा है। कुल 367 परिवार उजड़े हैं जो इधर-उधर सड़क किनारे अमानवीय स्थिति में रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध लगातार बढ़ रहे है। वे न सड़कों पर सुरक्षित हैं न थानों में। प्रदेश सरकार अपराध रोक पाने में नाकाम रही है। महिलाएं अपने को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहीं हैं। उन्होंने प्रशासन द्वारा खरीदी गई जमीन पर बाढ़ और कटान पीड़ितों को तत्काल बसाए जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कटान पीड़ितों को तत्काल बसने के लिए सुरक्षित जगह न दी गई तो बाढ़ विस्थापित 367 परिवार बच्चों समेत धरना देने को बाध्य होंगे। धरना सभा को अनीता ने भी संबोधित किया।