ममरी। गांव परसेहरा निवासी पिता-पुत्र रामशंकर वर्मा और पवन कुमार वर्मा पर हमला कर गंभीर रूप से घायल करने वाला बाघ अब तक कठिना नदी कीके तराई में गन्ने के खेतों में मौजूद है। इसके ताजे पदचिह्न खेत में मिले हैं। इससे लोगों में दहशत है।
बाघ की निगरानी में लगे फॉरेस्टर रोहित श्रीवास्तव, माया प्रकाश, पंकज कुमार, प्रज्ञांश कुमार आदि वनकर्मियों ने लोगों से सचेत रहने के लिए कहा है। खेतों की ओर जाने पर लोगों की पाबंदी लगा दी है। रेंजर निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि निगरानी टीम को अगर गन्ने में घुसाया जाता है तो खतरे से खाली नहीं है। इसीलिए टीम को बाघ की निगरानी में लगाया गया है।