लखीमपुर खीरी। शहर से सटे बाजपेई गांव में पिछले 10 दिनों में दो दर्जन से अधिक पशुओं की मौत होने से पशुपालक चिंतित हैं। विभागीय अफसर गांव में डेरा जमाए हैं, लेकिन पशुओं की मौत की सही वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। जांच के लिए अब तक 12 सैंपल लिए गए हैं, आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
पिछले 10-15 दिन में बाजपेई गांव में लगातार एक के बाद एक पशुओं की मौत हो रही है। शनिवार को भी एक बछिया की मौत हो गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सोमदेव चौहान ने बताया कि जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गांव में कैंप कर रही है। शनिवार को एक बछिया की मौत की जानकारी मिली है। जबकि, इससे पहले मवेशी की मौत मामले में मृत मवेशियों के पोस्टमॉर्टम के लिए कहा गया था, जिस पर ग्रामीणों ने पीएम कराने से इनकार कर दिया था। मृत पशुओं के नाक के स्वैब और खून के नमूने लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यह वायरल बीमारी है। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह स्पष्ट होगी। पहले ही पशुओं को एफएमडी का टीका लग चुका है। इस टीके से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने में करीब 30 दिन लगते हैं।