संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। पंचायत चुनाव की सरगर्मियां गांवों में जोर पकड़ने लगी हैं। प्रधान पद के प्रत्याशी सीटों के आरक्षण का अनुमान लगाकर अपने-अपने विकल्प की जुगलबंदी तैयारी में जुट गए हैं। इस बार आरक्षण के बदलने से कई चेहरे बदल जाएंगे। नए लोगों को मौका मिलेगा।
जिले में पूर्व की तरह 1165 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। हालांकि, चुनाव आयोग से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिर्फ लोगों में ही आरक्षण बदलने की चर्चा है। इससे गांवों की राजनीति के समीकरण भी बदलेंगे। वर्तमान प्रधान आरक्षण को लेकर परेशान हैं। जनता को भी इस बार सीट की श्रेणी बदलने का पूरा अनुमान है।
वर्तमान प्रधान से लेकर पूर्व प्रधान व नए संभावित सभी उम्मीदवारों की निगाहें केवल आरक्षण पर पर टिकी हैं। आरक्षण स्पष्ट नहीं होने से कोई खुलकर ताल नहीं ठोक रहा है, लेकिन कुछ लोगों ने होर्डिंग-बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कोई खुलकर प्रचार-प्रसार नहीं कर रहा है। उन्हें डर है कि कहीं आरक्षण वाली सीट नहीं आई तो चुनाव में मेहनत बर्बाद हो जाएगी।
जनपद में कई ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां कई वर्षों से आरक्षण नहीं बदला है। इस बार ऐसा होने की पूरी उम्मीद है। मैगलगंज क्षेत्र के खखरा ग्राम पंचायत में दो दशक से सामान्य महिला सीट है।
जिन गांवों में काफी समय से आरक्षण नहीं बदला है, वहां के लोग पंचायती राज विभाग में अपने-अपने पत्र देकर आरक्षण बदलाव को लेकर जोर दे रहे हैं। हालांकि, शासन से अभी आरक्षण से संबंधित कोई भी शासनादेश नहीं आया है।
पंचायती राज अधिकारी विशाल सिंह ने बताया है कि प्रार्थनापत्र आ रहे हैं, लेकिन जब तक चुनाव आयोग से कुछ नहीं कहा जाता, तब तक कुछ भी नहीं हो सकता।