मोहम्मदी के हरिहर पुर के बुजुर्ग सुन्दर लाल अपनी पत्नी के साथ मतदान किया।
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लखीमपुर खीरी। गांव की सरकार चुनने में कोरोनाकाल जैसे विषम हालात में भी बुजुर्गों और असक्तों ने अपनी पूरी भागीदारी निभाई। ऐसी कई तस्वीरें सामने आईं, जो बुजुर्गों और असक्तों के जज्बे को सलाम करने के लिए काफी है।
मोहम्मदी क्षेत्र के दिलावरपुर निवासी 80 वर्षीय सुंदरलाल ने अपनी पत्नी सोमवती देवी के साथ दिलावरपुर में मतदान किया। -
गोला के ग्राम सेमरई निवासी वृद्ध रामचरण रेवती (97) और कुमार बहादुर रेवती (91) बुजुर्ग भाइयों ने उम्र को मात देकर वोट कर मताधिकार का मान बढ़ाया।
गोला के कोटवारा मतदान केंद्र पर 80 वर्षीय शांति देवी पोती के कंधे का सहारा लिए वोट डालने पहुंचीं।
गोला के कोटवारा मतदान केंद्र पर पैरालिसिस के मरीज प्रेम अपने परिवार वालों के कंधों का सहारा लेकर वोट डालने पहुंचे।
मझगईं के तिलकपुरवा निवासी 91 साल के जगन्नाथ प्रसाद विश्वकर्मा बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज में बने बूथ पर वोट डालने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सभी चुनावों में वोट डाला है।
दिव्यांग भी नहीं रहे पीछे
गोला गोकर्णनाथ। बांकेगंज ब्लॉक के पुनर्भूग्रंट मतदान केंद्र पर दिव्यांग हजीरा बानो परिवार वालों के साथ ई-रिक्शे से वोट डालने पहुंचीं।
ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत ऐरा के दिव्यांग युवा बृजमोहन गांव के विकास के लिए वोट डालने पहुुंचे।
अतरिया की 75 वर्षीय मनदेई पत्नी गोकरन बड़ागांव में बनाए गए बूथ पर पुत्र व बहू के साथ वोट डालने पहुंचीं।