लखीमपुर खीरी। सोमवार को वोटर अपने गांव की सरकार का अगले पांच साल तक का भविष्य तय कर देगा। इसके साथ ही प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में कैद हो जाएगी। ऐसे में पढ़ा लिखा सुशिक्षित युवा अपने वोट की ताकत से अगले पांच साल के लिए गांवों की प्राथमिकता के हिसाब से प्रत्याशियों का चयन करेगा। प्रचार के दौरान प्रलोभनों के सहारे वोटरों को लुभाने वाले प्रत्याशियों को लेकर युवाओं की राय एकदम अलग है, वह ऐसे प्रत्याशियों से विकास की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। बल्कि गांव के विकास के प्रति संजीदगी रखने वाले प्रत्याशी का चयन करने के मूड में हैं।
गांवों की समस्याओं को दूर करने वाला प्रधान होना चाहिए। गांवों में बनाई जा रही अवैध शराब सबसे बड़ी समस्या है, जिस पर प्रधान को काम करना होगा। जो लोग शराब बना रहे हैं, उनको रोजगार दे और शराब बनाना बंद कराए। -श्याम पाल सिंह, युवा वोटर
गांव में बरातघर नहीं है, जिससे लोगों को बड़ी परेशानी होती है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है। नलों से गंदा पानी आ रहा है। ऐसा प्रधान होना चाहिए जो इन समस्याओं को दूर कर सके। - संजय पाल, युवा वोटर
चुनाव के समय सभी प्रत्याशी दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन जीतने के बाद कोई भी काम नहीं कराता है। ऐसा शिक्षित प्रधान होना चाहिए, जो गांव में शिक्षा और पानी की व्यवस्था ठीक करे। नाली-सड़क का निर्माण कराए। -राजेश कुमार, युवा वोटर
युवाओं के लिए सोचने वाले हमारे ग्राम प्रधान होने चाहिए। गांव में उसकी सरकार हो जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। -राजू सिंह अर्कवंशी, नौगवां पलिया
ग्रामीण क्षेत्र आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे प्रत्याशी को वोट करना चाहती हूं, जो गांव का विकास कर सके। ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहर कस्बों की भांति परिपूर्ण कर सके। -दीक्षा, ईसानगर