फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवक की मौत का मामला: लखीमपुर में पुलिस अफसरों पर भड़कीं पल्लवी पटेल, कहा- सरकारी नौकर हैं, सरकार नहीं

Fri, 10 Jan 2025 04:58 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

अपना दल कमेरावादी की नेता और सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल शुक्रवार को लखीमपुर खीरी के गांव हुलासीपुरवा पहुंचीं। वह मृतक रामचंद्र के परिवार से मिलीं। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कहा कि पुलिस का बस चले तो दलित और पिछड़ों के गांव ही उजाड़ दे। 
विज्ञापन
पीड़ित परिवार से मिलीं विधायक पल्लवी पटेल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

थाना मझगईं क्षेत्र के गांव हुलासीपुरवा निवासी रामचंद्र की पुलिस हिरासत में हुई मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ रहा है। शुक्रवार को अपना दल कामेरावादी की नेता और विधायक डॉ. पल्लवी पटेल गांव हुलासीपुरवा पहुंचीं।पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए तीखे प्रहार किए।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पुलिस का बस चले तो दलित और पिछड़ों के गांव ही उजाड़ दे। वह सरकार से मांग करती हैं कि इस घटना में मानवीय संवेदनाओं को तार-तार करने वाले बद्तमीज पुलिस अफसरों को न सिर्फ निलंबित किया जाए, बल्कि मुख्यमंत्री उन्हें बुलाकर यह समझाएं कि वह सरकारी नौकर हैं सरकार नहीं।

डॉक्टर पल्लवी पटेल ने यह मांग भी रखी कि पीड़ित परिवार को 50 लख रुपये का मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष डॉ .सीएल पटेल, प्रदेश महासचिव गगन प्रकाश यादव, जिलाध्यक्ष आदर्श पटेल, बाबा रामाधार पटेल, महेंद्र प्रताप मौर्य, लोकेश मौर्य और एडवोकेट रामगोपाल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन


संबंधित खबर- UP: 'जितने दिन डेडबॉडी रखना है रख लो...', लखीमपुर में मृतक के परिजनों पर भड़के सीओ; अखिलेश ने भाजपा को घेरा

सप्ताहभर में कार्रवाई नहीं हुई तो देंगी धरना
हुलासीपुरवा गांव से निकलते वक्ता डॉ. पल्लवी ने कलक्ट्रेट पहुंचकर धरना देने की बात कही। दोपहर बाद डॉ. पल्लवी पटेल कलक्ट्रेट पहुंचीं तो पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया। डॉ. पल्लवी ने पुलिस ऑफिस पहुंचकर एसपी संकल्प शर्मा से मुलाकात की। उन्होंने करीब 20 मिनट तक एसपी से वार्ता की। बाहर आकर बताया कि उन्होंने अपने धरने के कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया है। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया जाएगा। उनका कहना है कि एसपी ने दो दिन पहले चार्ज लिया है। इसलिए उन्होंने पूरे प्रकरण को समझने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा हैं। एक सप्ताह में जांच को पूरा करके कार्रवाई करेंगे।

विभिन्न पार्टियों के नेताओं ने पहुंचकर बंधाया ढांढस
शुक्रवार काे सपा के सांसद उत्कर्ष वर्मा ने भी हुलासीपुरवा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल जाना और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली बहुत निंदनीय है। इस पूरे घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। इस दौरान सपा नेता हिमांशु पटेल, भंडारी यादव, मनोज वर्मा आदि लोग मौजूद रहे। उधर, कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भी हुलासीपुरवा पहुंचा। जिसमें पूर्व सांसद रविप्रकाश वर्मा व पार्टी जिलाध्यक्ष प्रहलाद पटेल समेत अन्य लोग शामिल रहे। पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने का आश्वासन भी दिया।

विज्ञापन

यह है मामला 
गांव हुलासीपुरवा निवासी रामचंद्र की मौत पुलिस हिरासत में हो गई थी। पुलिस ने उस पर अवैध तरीके से शराब बनाने के आरोप में कुछ दिन पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से रामंचद्र की मौत होने का आरोप लगाया। इस घटना को लेकर जमकर बवाल हुआ। मझगईं थाने के इंस्पेक्टर ने पूरे गांव को जेल भेजने की धमकी दी थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ। 

सीओ धौरहरा पीपी सिंह का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह मृतक के परिजनों पर भड़कते नजर आ रहे हैं। सीओ कहते हैं कि न मझगईं थानाध्यक्ष सस्पेंड होगा और न निघासन.. न ही 30 लाख रुपये देंगे। सीओ ने आगे कहा कि जितने दिन रखना है डेड बॉडी को रख लो। हम यहां से जा रहे हैं, जो करना है कर लेना। पुलिस की कार्यशैली को लेकर परिजनों में आक्रोश है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें