नगर पालिका चेयरमैन केबी गुप्ता के खिलाफ अब ठेकेदारों और कई पालिका सदस्यों ने भी मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारों ने प्रदर्शन कर चेयरमैन पर कई आरोप लगाए तो नगर पालिका सदस्यों ने उन पर एफआईआर की कार्रवाई को जायज ठहराया। साथ ही उनको मिली बिना बैठक के दो लाख रुपये तक खर्च की पॉवर को समाप्त करने की मांग की।
ठेकेदार आलोक और रमेश का आरोप है कि उन्होंने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था इसी के चलते उन्होंने पंजीकरण नवीनीकरण नहीं किया और क्षति पहुंचाने का कार्य किया। उन्हाेंने आरोप लगाया कि शासनादेश के विरुद्ध कार्य करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की जा रहीं थीं। इस संबंध में लोकायुक्त और शासन से शिकायतें की गईं। उन्होंने चेयरमैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और जांच की मांग की। ठेकेदार विनोद कुमार ने भी मालगोदाम रोड के टेंडर प्रक्रिया को लेकर कई आरोप चेयरमैन पर जड़े हैं। इधर पालिका के कई सदस्यों ने डीएम को पत्र भेजकर चेयरमैन पर हुई कार्रवाई को जायज ठहराते हुए तमाम आरोप लगाए हैं। मांग की है कि बिना बैठक दो लाख रुपये तक के खर्च की पॉवर चेयरमैन को है उसे खत्म कर दिया जाए।
इस संबंध में पालिकाध्यक्ष केबी गुप्ता का कहना है कि सभी आरोप झूठे हैं। आलोक, रमेश चंद्र और उनके पुत्र आदि के खिलाफ मैने पूर्व में ही राज्यमंत्री नगर विकास चितरंजन स्वरूप की फर्जी चिठ्ठी बनाए जाने को लेकर मुकदमा दर्ज करा रखा है।
वकीलों नें की ईओ के खिलाफ नारेबाजी
पलिया पालिका के चेयरमैन केबी गुप्ता पर दर्ज हुई एफआईआर के विरोध में बार एसोसिएशन के सदस्यों ने तहसील में ईओ के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने डीएम को संबोधित्र पत्र एसडीएम को सौंपा। जिसमें उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होेंने जांच तक ईओ के स्थानांतरण की भी मांग की। विरोध प्रदर्शन करने वालों में श्रीष द्विवेदी, भगीरथ शाक्य, अरुण अवस्थी, रवींद्र सिंह, श्रवण कुमार, अजीत सिंह, सुनील शुक्ला, राजीव शुक्ला आदि तमाम अधिवक्ता शामिल रहे।