लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी कोतवाली क्षेेत्र के एक वकील की मंगलवार की तड़के हालत बिगड़ गई। उन्हें परिवार वाले शाहजहांपुर के एक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार में कोहराम मच गया है। घर वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया और अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाली मोहम्मदी के कसबा शंकरपुर चौराहा निवासी रवि शुक्ला ने बताया कि भाई दिलीप शुक्ला (40) पेशे से वकील थे। डेढ़ महीने पहले 22 क्विंटल धान बिक्री करने के लिए नमी निकलवाने के लिए क्रय केंद्र पर गए थे। क्रय केंद्र प्रभारी ने नमी निकालने और धान खरीदने से मना कर दिया। इससे नाराज भाई फेसबुक पर पोस्ट डालकर धान खरीद में हो रही धांधली और भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे थे। इस पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर भाई पर दबाव बना रहे थे। कई बार पुलिस भी घर पर आई, इससे भाई अवसाद में थे। 11 अक्तूबर को पुलिस भाई को पकड़कर कोतवाली ले गई, जिसे बाद में वह खुद छुड़ाकर लाए थे। मंगलवार की तड़के करीब तीन बजे भाई की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनके मुंह से झाग निकल रहा था। शरीर भी नीला पड़ गया था। भाई को लेकर शाहजहांपुर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि हम लोग कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसलिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है।
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सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट काफी पुरानी हैं। परिजनों से बात हुई है। उनका कहना है कि हालत बिगड़ने पर शाहजहांपुर ले गए थे। रास्ते में मौत हो गई। पुलिस पूछताछ के लिए दिलीप शुक्ला के घर गई थी। परिवार वालों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- बृजेश त्रिपाठी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोहम्मदी
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दिलीप शुक्ला की डाली गई पोस्ट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
- लोकेंद्र प्रताप सिंह, विधायक
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दिलीप शुक्ला का मामला धान खरीद से नहीं जुड़ा है। मैने उक्त प्रकरण में रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
-स्वाति शुक्ला, एसडीएम मोहम्मदी
फेस बुक पर अपलोड मृतक की कमेंट- फोटो : LAKHIMPUR
फेस बुक पर अपलोड मृतक की कमेंट- फोटो : LAKHIMPUR
दिलीप शुक्ला फाइल फोटो- फोटो : LAKHIMPUR