लखीमपुर खीरी। एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने मैगलगंज स्थित पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश एडीसीओ राकेश कुमार मिश्रा को दिए हैं। क्रय केंद्र प्रभारी पर गायब रहने के साथ ही किसानों का धान न खरीदने का आरोप है, जिससे मैगलगंज मंडी में कई दिनों से किसान धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
मैगलगंज में एकमात्र क्रय केंद्र खोला गया था, जिसके केंद्र प्रभारी राजेश कुमार खरीद शुरू होने की तिथि से लगातार गायब रहे। इससे क्रय केंद्र पर आने वाले किसानों को बैरंग होना पड़ा और अब तक इस केंद्र पर खरीद भी शुरू नहीं हो पाई। किसानों और संगठनों ने क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ मंडी में मोर्चा खोलते हुए कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया। इस पर अधिकारियों ने संज्ञान लिया और केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी। एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह ने बताया कि केंद्र से गायब रहने के आरोप में प्रभारी के खिलाफ तत्काल मैगलगंज थाने में सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश एडीसीओ को दिए हैं।
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मैगलगंज मंडी में तीन क्रय
केंद्र खोलने के आदेश
लखीमपुर खीरी। मैगलगंज में सरकारी धान खरीद न होने से आंदोलित किसानों को राहत देते हुए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने मैगलगंज मंडी में तीन क्रय केंद्र खोलने के आदेश दिए हैं। साथ ही गोला मंडी में भी एसएफसी का एक नया क्रय केंद्र खोलने के आदेश दिए हैं और फूलबेहड़ क्षेत्र के अचाकापुर में प्रस्तावित विपणन शाखा के क्रय केंद्र को लखीमपुर की राजापुर मंडी में खोलने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा कुछ क्रय केंद्रों का स्थान भी परिवर्तित किया गया है।
मैगलगंज मंडी में पीसीएफ, पीसीयू और एनसीसीएफ का एक-एक क्रय केंद्र खुलेगा। यह तीनों क्रय केंद्र पहले अन्य स्थानों पर खुले थे। मैगलगंज मंडी में एक भी क्रय केंद्र न खोले जाने से किसानों ने कई बार धरना प्रदर्शन किया था। बिजुआ क्षेत्र में पीसीएफ के एसएसएस भदेड़ और अलीगंज सराय को गोला मंडी में शिफ्ट करने के आदेश डीएम ने दिए हैं। इसी एजेंसी के कुंभी क्षेत्र में खुले सीएमएस गोला एट गोपालापुर को भी गोला मंडी में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं पलिया के चंदनचौकी में खुले पीसीयू के क्रय केंद्र को संपूर्णानगर में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए हैं। मितौली और हिंदूनगर के क्रय केंद्र को मैगलगंज में शिफ्ट किया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि मंडियों में धान खरीद का ज्यादा दबाव होने के चलते बाहर के क्रय केंद्रों को मंडी में शिफ्ट किया गया है। इससे किसानों की समस्या दूर होगी। संवाद