भीषण गर्मी में शहरवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। एपीडीआरपी योजना
में मजदूरों की कमी केे कारण न तो क्षमतावृृद्धि के ट्रांसफार्मर लग पा रहे
हैं और न ही जर्जर बिजली लाइनें ही हटाई जा सकी हैं। इससे शहर में
ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज की समस्या काफी हद तक बढ़ गई है। हालात यह है कि
रात के समय कई मोहल्लों में लो-वोल्टेज के कारण लोगों की नींद हराम हो गई
है।
लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में बिजली की कटौती
भी बढ़ गई है। मोहल्लों में लगाए गए ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने लगे हैं।
जर्जर बिजली लाइनें भी बार-बार टूट रही हैं। जिसके कारण बिजली सप्लाई
बार-बार बाधित हो रही है। एपीडीआरपी योजना के अंतर्गत शहर की जर्जर बिजली
लाइनों को बदलकर हाईटेंशन और घरेलू बिजली लाइनें बिछाई जानी हैं। साथ ही नए
ट्रांसफार्मर भी लगाए जाने हैं। लेकिन इनदिनों एपीडीआरपी योजना का काम
काफी धीमा हो गया है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक मजदूरों की कमी के कारण
बिजली व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया लगभग थम गई है। जिसकी वजह से
ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज ने भीषण गर्मी में शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा
दी हैं।
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एपीडीआरपी में कितना हुआ काम -शहर में 214 ट्रांसफार्मरों में सिर्फ 82 ही लग पाए
-80 किमी बिजली लाइन में 40 किमी ही बिछी
-1150 में सिर्फ 800 खंभे ही लग पाए
-7000 इलेक्ट्रानिक मीटरों में सिर्फ 820 ही लग पाए
20 करोड़ में सिर्फ 7.85 करोड़ ही हुए खर्च
बिजली
अधिकारियों की माने तो शहर में बिजली की सुदृढ़ीकरण के लिए पिछले डेढ़ साल
से चल रही एपीडीआरपी योजना का बजट 20 करोड़ रुपये है लेकिन डेढ़ सालों में
अभी तक महज 7.85 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाया है। इससे साफ है कि योजना
में 50 फीसदी भी काम नहीं हो पाया है।
शहर में पेयजल समस्या भी गहराई
शहर
में पेयजल के संचालित नगर पालिका के नलकूप कम वोल्टेज के कारण चल नहीं पा
रहे हैं। इससे मोहल्लों में पानी सप्लाई में भी दिक्कत हो रही है। गढ़ी
उपकेंद्र्र के चार नंबर फीडर, सात नंबर, नई बस्ती के जेल फीडर, ईदगाह के
पंजाबी कालोनी फीडर पर लो-वोल्टेज के कारण पाइप लाइनों से घरों में पानी
नहीं पहुंच पा रहा है।
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एपीआरपी योजना के अंतर्गत बिजली
व्यवस्था सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा है, मौजूदा समय में मजदूरों के न मिलने
के कारण कार्य कुछ धीमा है। योजना के क्रियान्वयन में लोगों का सहयोग नहीं
कर रहे हैं। मोहल्लों में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही
है। इससे दिक्कत आ रही है।
-मनोज पुष्कर, जेई नई बस्ती