मरीज देखते बाल रोग विशेषज्ञ डॉ0 आरपी वर्मा
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ओयल। जिले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप नहीं थम रहा है। इनसे पीड़ित मरीजों की संख्या बराबर बढ़ रही है। आलम यह है कि बुखार पीड़त बच्चों की संख्या बढ़ने से अस्पताल प्रशासन को बच्चा वार्ड में बेड तक बढ़ाने पड़ गए। सोमवार को 14 बेड के वार्ड में 19 बेड डालकर बच्चों को भर्ती किया गया है।
सोमवार सुबह से ही लोगों की भीड़ पर्चा बनवाने के लिए उमड़ पड़ी। दोपहर एक बजे तक 60 पर्चे ऑनलाइन सहित कुल 1936 नए पंजीकरण हुए। जबकि करीब छह पुराने पर्चे पर मरीज देखे गए। उल्टी, दस्त और बुखार पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने से बच्चा वार्ड में बेड तक कम पड़ गए। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को 14 बेड के वार्ड में पांच बेड और डलवाए।
वार्ड में बुखार पीड़ित दो वर्षीय रामेंद्र पुत्र राजेंद्र निवासी ढखरिया जाट, फूलबहेङ़, निवासी रामगोपाल का सात वर्षीय पुत्र अर्पित, निघासन निवासी राजकुमार का पांच वर्षीय पुत्र राकेश, बेहजम निवासी गुड्डू की 10 वर्षीय पुत्री लक्ष्मी, लखीमुपर निवासी पंकज गुप्ता का एक वर्षीय पुत्र मास्टर दास, सीतापुर निवासी रामनेरश की 12 वर्षीय पुत्री शिल्पी सहित अक्षत का साढ़े तीन वर्षीय पुत्र मास्टर का इलाज हो रहा है।
जाम में फंसी एंबुलेंस
एमसीएच विंग में मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। सोमवार को उमड़ी भीड़ से ओपीडी हाल में खड़े होने तक के लिए जगह कम पड़ गई। वाहनों की आवाजाही के चलते अस्पताल मार्ग पर कई बार जाम लग गया। इसमें मरीजों को लेकर आई एंबुलेंस फंसी रहीं।
मरीजों से खचा-खच भरा ओपीडी हॉल- फोटो : LAKHIMPUR