फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं तो सीएचसी पलिया में अल्ट्रासाउंड मशीन

विज्ञापन
महिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ - फोटो : LAKHIMPUR
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले की करीब 45 लाख की आबादी पर सरकारी अस्पतालों में महज दो अल्ट्रासाउंड की मशीनें हैं। एक जिला अस्पताल में तो दूसरी महिला अस्पताल में लेकिन दोनों का फायदा मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं है तो सीएचसी पलिया में रेडियोलॉजिस्ट तो हैं पर मशीन नहीं। नतीजतन मरीजों को करीब एक हजार रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन

गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में महिला अस्पताल सहित 15 सीएचसी है मगर इलाज की व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी सेवा भी महिलाओं को नहीं मिल पा रही है। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केके रंजन का तबादला होने से कक्ष में दो माह से ताला लगा है। ऐसे में महिलाएं या तो निजी पैथॉलोजी में जांच करवाएं, या फिर शहर से 15 किलोमीटर दूर एमसीएच विंग जाएं। उधर, पलिया सीएचसी में रेडियोलॉजिस्ट हैं तो वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं। तकनीकी विशेषज्ञ और मशीनों के समन्वय को लेकर स्वास्थ्य विभाग कोई रणनीति नहीं बना पा रहा है।
विशेषज्ञ संभाल रहे अधीक्षक की जिम्मेदारी
कई सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर अधीक्षक पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस कारण मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। पलिया सीएचसी में तैनात अधीक्षक डॉ. भरत कुमार रेडियोलॉजिस्ट हैं, लेकिन वहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने से मरीजों को इनकी योग्यता का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि महिला अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाएं रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में परेशानी उठानी के लिए मजबूर हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल की शिफ्टिंग ने बढ़ाई मुश्किलें
रेडियोलॉजिस्ट का तबादला होने के बाद महिला अस्पताल की सीएमएस ने गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड जिला अस्पताल में कराने की परमीशन ली थी। ऐसे में कफी दिन तक जिला अस्पताल में नि:शुल्क जांच होती रही मगर जिला अस्पताल के बाद पिछले दिनों रेडियोलॉजिस्ट के एमसीएच विंग में शिफ्ट होने से जांचें होनी बंद हो गई।
एक्सरे मशीन भी हुई एमसीएच विंग में शिफ्ट
जिला अस्पताल शिफ्ट होने के बाद सोमवार को एक्सरे मशीन भी एमसीएची विंग में शिफ्ट कर दी गई है। जबकि अभी तक अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन जिला अस्पताल में ही होने के कारण मेडिकोलीगल हो जाया करते थे मगर सोमवार को एक्स रे मशीन के भी मोतीपुर चले जाने से अब मेडिकोलीगल के लिए भी लोगों को मोतीपुर की दौड़ लगानी होगी।
‘शासन की ओर से रेडियोलॉजिस्ट का दो माह पहले तबादला हो गया। इससे अल्ट्रासाउंड होने बंद हो गए। हालांकि जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच हो रही थी लेकिन रेडियोलॉजिस्ट के एमसीएच विंग में बैठने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे हैं। गर्भवती महिलाएं वहां जाकर नि:शुल्क जांच करवा सकती हैं।’
- डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस महिला अस्पताल
‘गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए परेशान होकर इधर-उधर न भटकना पड़े, जल्द ही इसका कोई न कोई रास्ता निकाला जाएगा। सीएचसी पलिया अधीक्षक रेडियोलॉजिस्ट हैँ। इसके बारे में जानकारी नहीं है।’
विज्ञापन

- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता एसीएमओ एवं प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें