वन निगम कर्मियों को दिखाई दिए दो और बाघ
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मैलानी रेंज में शनिवार को आधे घंटे के अंदर दो हमले कर चार लोगों को घायल करने वाले बाघ के अलावा दो और बाघ जंगल से बाहरी रास्तों, खीरी ब्रांच पटरी पर चहल-कदमी करते देखे जा रहे हैं। रविवार वन निगम कर्मचारियों और राहगीरों को इसी रास्ते पर दो बाघ चहल-कदमी करते दिखाई दिए। इससे वन कर्मियों ने कटान का काम फिलहाल रोक दिया है।
शनिवार को बाघ के हमले की घटना के बाद लोग काफी डरे सहमे हुए हैं। इसी बीच दो और बाघों के पनसब्बी पुल और आबादी के निकट मौजूदगी की सूचना मिलने पर ग्रामीण अपने घरों में कैद होकर रह गए है। बच्चों का स्कूल जाना, मवेशियों का चरागाह जाना और किसानों का खेतों पर जाना रुक गया है। साउथ खीरी डिविजन के डीएफओ अखिलेश पांडेय का कहना है कि जंगल में पानी की कमी के कारण इन दिनों बड़ी संख्या में बाघ और दूसरे जंगली जानवर आबादी के निकट नदी, नहर और नालों के आसपास डेरा जमाए हुए हैं। यह बाघ मैलानी रेंज की जटपुरा और महुरैना बीट जंगलों के बीच खीरी ब्रांच नहर के रामानंदी और पनसब्बी पुल के कंपार्टमेंट 14, और 16 में चहल-कदमी करते दिखाई दे रहे हैं। कैमरा ट्रैपिंग में भी तीन बीघों की चहलकदमी दिखाई दे रही है।
रेंजर मैलानी डीएस यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाघों की मौजूदगी के चलते सतर्कता बरतें, खेतों की और अकेले न जाए और मवेशियों को जंगल से सटे इलाके में चराने न ले जाए। कहा कि बाघ को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता। वन्यजीव अकारण हमलावर नहीं होते। उन्हें अपना दुश्मन नहीं दोस्त समझें। बाघों की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम गठित कर दी गई है, टीम में शामिल वन कर्मी चौबीस घंटे बारी-बारी से बाघों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं।