लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में डॉक्टर पर घूस मांगने का आरोप लगाकर युवती के शैंपू पीकर आत्महत्या करने की कोशिश करने के मामले की जांच शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. शरद की वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकने के आदेश दिए। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है। जांच के बाद आगे की कठोर कार्यवाही भी प्रस्तावित है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
मेडिकल काॅलेज में भर्ती मरीज हर्षित शर्मा की बहन सौम्या शर्मा निवासी परमिला नगर उदयपुर महेवा काेतवाली सदर ने डाॅक्टर पर गालियां देने और ऑपरेशन के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था। उसने कहा कि अपने छोटे भाई हर्षित शर्मा काे दूसरी बार पैर टूट जाने के चलते रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि यहां ऑर्थो सर्जन डॉ. शरद ने ऑपरेशन करने के लिए उससे 15,000 रुपये की मांग की। रुपये देने में असमर्थता जताने पर डॉक्टर ने अपने सहयोगी फैज से कई बार फोन से व उसके पास भेजकर दबाव बनाया। रुपयों की व्यवस्था न होने पर मरीज की बिना इलाज छुट्टी करने की धमकी दी।
प्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि अस्पताल में इलाज से संबंधित किसी भी प्रकार का अवैध लेनदेन या रोगी के साथ अनियमितता अस्वीकार्य है। मरीज सुरक्षा और उपचार गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
-राज्य महिला आयोग की सदस्य ने जाना पीड़ित सौम्या का हाल
ओयल। मामले के तूल पकड़ने पर आज राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने सौम्या से बात कर उसका हाल जाना और हर समय मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद सुजीता कुमारी ने प्रेसवार्ता में बताया कि मामले की जांच कराकर दोषी पाये जान पर डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। इलाज के बाद सौम्या स्वस्थ नजर आई और डॉक्टर ने उसे छुट्टी के लिए बोल दिया। संवाद