करीब डेढ़ वर्ष पहले बंद हो चुकी स्वर्ण जयंती ग्रामीण स्वरोजगार योजना से सब्सिडी के नाम पर 1,17,500 रुपये हड़पने के प्रयास का मामला सामने आया है। सहकारी ग्राम विकास बैंक के अधिकारी की सूझबूझ से जालसाज भुगतान कराने में सफल नहीं हो पाए हैं, लेकिन नकहा ब्लाक के बीडीओ औैर एडीओ (आईएसबी) की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है। पीडी डॉ. दिनेश सिंह ने बीडीओ अशोक कुमार को शोकाज नोटिस जारी किया है। वहीं मामले की जांच कर दोषी एडीओ (आईएसबी) रामप्रकाश शुक्ला के खिलाफ विभागीय कार्र्रवाई समेत एफआईआर के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि भारत सरकार की स्वर्ण जयंती ग्रामीण स्वरोजगार योजना के तहत गठित होने वाले समूहों को सरकार की ओर सब्सिडी दी जाती थी। वहीं व्यक्तिगत रूप से किसानों को भी अनुदान का प्रावधान था। डेढ़ साल पहले यह योजना बंद कर दी गई। इसके स्थान पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरूआत की जा चुकी है। इसके बावजूद नकहा ब्लाक के कुछ अधिकारियों ने एसजीएसवाई योजना से धनराशि हड़पने का प्रयास कर सनसनी फैला दी है। पीडी डॉ. दिनेश सिंह के मुताबिक 13 किसानों की सूची बनाकर बैंक से इनके खातों में अनुदान समायोजित कराने का प्रयास किया गया है। इसमें बाकायदा बीडीओ अशोक कुमार ने डिस्पैच नंबर सहित अपने हस्ताक्षर से 23 मार्च 2015 को सहकारी ग्राम विकास बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक के नाम पत्र भी जारी कर दिया था। बैंक प्रबंधक ने बंद हो चुकी योजना की बाबत अधिकारियों से पड़ताल की, तो कलई खुलकर सामने आ गई।
इनके नाम का सहारा
पूरे प्रकरण में बैंक को भेजे गए ब्लाक के 13 किसानों के नाम का सहारा लिया गया, जिनमें गांव पनगीकलां निवासी मदनलाल और रामलाल, गांव सरसवा निवासी रामगोपाल, वीरेंद्र, ब्रिजलाल, हेमराज और सुरेश, बेलरिया निवासी शिवपाल, तेजनरायन, बेल निवासी शंभू और मधुराम, जमुनिया निवासी रामभजन और फरेदंहा निवासी रामसुमेर के नाम शामिल हैं। इनमें आठ किसानों को 10-10 हजार और पांच किसानों को 7500-7500 रुपये अनुदान की संस्तुति की गई है।
कर्मचारी पर लाखोें की हेराफेरी का आरोप
लखीमपुर खीरी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी पर 71.25 लाख की हेराफेरी का आरोप लगा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्यामकुमारी की सूचना पर डीएम किंजल सिंह ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। इस पर देर शाम कर्मचारी तेजराम राना के खिलाफ सदर कोतवाली में अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश श्रम सहकारी निर्माण खंड को 71.25 लाख का भुगतान दिया जाना था। भुगतान की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद कार्यालय सहायक तेजराम राना ने भुगतान संबंधित एकाउंट में ई-पेमेंट के जरिए पोस्ट कर दिया। वहीं कार्यदायी संस्था ने भुगतान न मिलने की बात कही, जिसके बाद एकाउंट खंगाले गए तो मामला कुछ और ही निकला। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया है कि न्यू भदौरिया इंटरप्राइजेज एंड कैटर्स नामक संस्था के खाते में 71.25 लाख की रकम पोस्ट कर दी गई थी। संबंधित सहायक ने इस बाबत बताया कि गलती से दूसरे खाते में धनराशि पोस्ट होने की बात कही। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना मिलने पर डीएम ने संबंधित खाते से भुगतान पर रोक लगवा दी है। वहीं सहायक तेजराम को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी तेजराम के खिलाफ अमानत में खयानत की धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।