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बैंक मैनेजर से भी हो गई चूक

Fri, 27 Mar 2015 10:34 PM IST
निघासन
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बाढ़ राहत घोटाले ने नया मोड़ ले लिया है। अभी तक अपने को निर्दोष बताने वाले बैंक मैनेजर की लापरवाही भी जांच के दौरान सामने आई है। बैंक मैनेजर ने खाता शिनाख्त करने वाले जिन दो लोगों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी उनमें से खाता शिनाख्त करने वाले एक आरोपी जितेंद्र के हस्ताक्षर का मिलान किया गया तो खाता नंबर और हस्ताक्षर दोनों फर्जी निकले। बैंक मैनेजर ने उसे एसओ के नाम लिखकर दिया कि खाता शिनाख्त करने वाले जितेंद्र का खाता नंबर और हस्ताक्षर नहीं मिल रहे हैं।
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बाढ़ राहत घोटाले में एसडीएम के आदेश पर बैंक मैनेजर ने खाता शिनाख्त करने वाले बुद्धापुरवा निवासी शुक्ल प्रसाद और बस्तीपुरवा निवासी जितेंद्र के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने और धोखधड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी जब जितेंद्र को हुई तो वह शुक्रवार को बैंक पहुंचा। वहां उसने खाता शिनाख्त करने वाले दस्तावेज मांगा, उसमें गवाह के रूप में हुए हस्ताक्षर और खाता नंबर का मिलान किया तो वह नहीं मिले। इस पर मैनेजर और जितेंद्र में नोंकझोंक हुई। बाद में स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ने एसओ के नाम दी गई तहरीर में जितेंद्र के नाम गलत रिपोर्ट दर्ज करने की बात को स्वीकार कर रिपोर्ट से नाम हटाने को कहा।
बैंक कर्मियों की लापरवाही उजागर 
बाढ़ राहत घोटाले में लेखपाल के बाद अब बैंक की लापरवाही भी उजागर हुई है। लेखपाल ने बाढ़ पीड़ितों की चेक दलालों के हाथ बेंच दीं जिन्होंने फर्जी आईडी के जरिए बैंक में खाते खुलवाकर पैसे निकाल लिए। बैंक में खाता शिनाख्त करने वालों के हस्ताक्षर और खाता मिलान में लापरवाही बरती गई। खाता शिनाख्त करने वाले जितेंद्र का खाता नंबर 11 अंकों की बजाए 10 अंकों का निकला। साथ ही उसके हस्ताक्षर भी बैंक के फार्म में किए गए हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते।
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दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
प्रदेश के युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष आरए उस्मानी ने कहा कि किसी भी कीमत पर गरीबों के साथ खिलवाड़ करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। दोषी लेखपाल, दलाल और बैंककर्मी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको जेल भेजने के लिए तहसीलदार सुनील कुमार झा से कहा गया है। साथ ही उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से भी करने की बात कही है। 
शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि खाता शिनाख्त करने वाले जितेंद्र के खिलाफ गलत रिपोर्ट दर्ज हो गई है। उसका नाम हटाने के लिए एसओ को लिखित में दिया है। बैंक में गलती किस स्तर पर हुई है इसकी जांच की जाएगी।  
सीओ मोहम्मद इब्राहिम ने बताया कि बैंक मैनेजर द्वारा दिया गया पत्र प्राप्त हुआ है मामले की जांच की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल नहीं भेजा जाएगा।
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