ग्रामीण पाइप पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान तमाम खामियां मिली हैं। खासकर पलिया क्षेत्र में योजना के नाम पर काफी धांधली की गई है। पाइप लाइन बिछाने से लेकर ओवरहेड टैंकों के निर्माण में मानक के विपरीत कार्य किए गए हैं। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए योजना की जांच का निर्देश दिया है। इसके लिए टीम गठित कर पाइप पेयजल योजना का सत्यापन करने को कहा है। जिसमें कमियां मिलने पर संबंधित ठेकेदार और अभियंता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
केंद्र सरकार पोषित ग्रामीण पाइप पेयजल योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन बिछाई जा रही हैं। इनमें कई ब्लाकों में पेयजल योजना का काम पूरा हो चुका है और ग्राम पंचायतों को हैंडओवर भी किया जा चुुका है, लेकिन कई ब्लाकों में 30 से 35 कस्बों/गांवों में अभी कार्य चल रहा है। डीएम की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में योजनाओं में खामियां मिलीं। मसलन कई जगहों पर निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। जिससे योजना लटकी पड़ी है। वहीं निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करने की भी बात सामने आ रही है। समीक्षा बैठक में खामियां मिलने पर डीएम किंजल सिंह ने मौजूद जल निगम के अधिकारियों से कई सवाल पूछे, जिनका जलनिगम अधिकारी जवाब तक नहीं दे पाए। डीएम ने योजना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों की टीम बनाकर सत्यापन करने का निर्देश दिया। सत्यापन के दौरान योजना में कमियां मिलने पर संबंधित ठेकेदार और अभियंता पर एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।