एआरटीओ दफ्तर में आए लोगों से पूछताछ करते हुए सीडीओ। स्रोत : सूचना
लखीमपुर खीरी। मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। कार्यालय पहुंचते ही उन्होंने मुख्य गेट बंद करा दिया और उसके बाद विभिन्न काउंटरों की जांच शुरू कर दी।
निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा समाप्त करने, एक दलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और एक कर्मचारी पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देश पर की गई। जांच के दौरान बेहजम क्षेत्र के कैमाखादर निवासी इश्तियाक अपने साथ रवि नामक युवक के साथ वाहन ट्रांसफर कराने पहुंचे थे।
पूछताछ में रवि ने पहले खुद को रिश्तेदार बताया, लेकिन सख्ती करने पर दलाली करने की बात सामने आ गई। इश्तियाक ने बताया कि काम कराने के लिए उससे दो हजार रुपये लिए गए थे। इस पर सीडीओ ने एआरटीओ शांति भूषण पांडेय को रवि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अर्जुनपुरवा निवासी शुभम गुप्ता ने शिकायत की कि ड्राइविंग लाइसेंस को लाइट मोटर व्हीकल (एलएमवी) कराने के लिए निर्धारित 400 रुपये की जगह 1500 रुपये लिए गए। सीडीओ तत्काल इंस्टेंट सॉल्यूशन सेंटर काउंटर पर पहुंचे। पूछताछ में कंप्यूटर ऑपरेटर कमर अली ने 1500 रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली और तलाशी में पैसे भी बरामद हुए। इस पर सीडीओ ने फटकार लगाते हुए उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दे दिए।
इसी दौरान राधेश्याम नामक व्यक्ति ने बताया कि वह नवंबर से अपनी गाड़ी का बंधक कटवाने के लिए चक्कर लगा रहा है, लेकिन संबंधित बाबू काम टाल रहे हैं। सीडीओ जब संबंधित काउंटर पर पहुंचे तो कनिष्ठ सहायक आशीष श्रीवास्तव संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीडीओ ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में दलाली और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अन्य कर्मचारियों को भी कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी गई।