एक महीने की बंदी ने बेपटरी किया सारा काम धंधा, अब तो पसंद का भी नहीं मिल पा रहा सामान
लखीमपुर खीरी। कोरोना की पहली लहर में बेपटरी हुआ कपड़ा कारोबार अब तक पटरी पर नहीं आ सका है। अप्रैल में आई दूसरी लहर ने फिर से रेडीमेड एवं कपड़ा व साड़ी कारोबार का बंटाधार कर दिया। सहालग और त्योहारी सीजन में लगे कर्फ्यू ने पूरे साल की कारोबारियों को चोट दी है। यही नहीं, उन्हें मन मुताबिक आर्डर का माल भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे व्यापार गति नहीं पकड़ पा रहा है।
पिछले साल की तरह इस साल भी सहालग और त्योहारी सीजन पर कोरोना ने ग्रहण लगा दिया। न तो सहालग मिली और न ही ईद का त्योहार, जबकि सहालग और त्योहार से व्यापारियों को काफी उम्मीद होती हैं, कमाई का मुख्य यही सीजन भी होता है। मगर, एक माह की बंदी से सब पर पानी फिर गया। इस दौरान करीब सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। आहत व्यापारियों का कहना है कि इस एक माह की बंदी से करोड़ों का नुकसान हुआ है। बाजार तो खुल गया है, लेकिन बिक्री न के बराबर है। समझ नहीं आ रहा कि रोजी- रोटी चलाएं, दुकान के खर्चे निकालें या फिर कर्मचारियों को वेतन दें। व्यापारियों का कहना है कि अब सरकार टैक्स, बिजली बिल आदि में रियायत देकर उनकी मदद करे, जिससे कारोबार फिर से गति पकड़ सके।
एक माह के कर्फ्यू का कपड़ा व्यवसाय पर जबर्दस्त असर पड़ा है। कारोबार की दृष्टि से यह एक माह बेहद खास था। इस समय दुकानदार कई तरह की परेशानियों से जूझ रहे हैं। सरकार को कुछ न कुछ रियायत देनी चाहिए।
- रवि जैन, साड़ी विक्रेता
पिछले साल से ही रेडीमेड कारोबार में मंदी चल रही थी। इसके बाद कोरोना के कारण एक माह के कर्फ्यू ने और संकट खड़ा कर दिया है। बाजार भले ही खुल गया हो, लेकिन ग्राहक नहीं आ रहे है।
- ज्ञानचंद्र जायसवाल, रेडीमेड विक्रेता
सहालग और त्योहार को लेकर माल मंगा लिया था। मगर, कोरोना ने कारोबार पर संकट खड़ा कर दिया। दुकान खुलने पर खर्चे वही हैं, लेकिन आमदनी बेहद कम है। सरकार को हम व्यापारियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
- चेतन शेखर, साडी विक्रेता
कोरोना ने सब कुछ चौपट कर दिया। कारोबार की हालत बेहद खराब है। सहालग एवं ईद से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन सारी तैयारी धरी की धरी रह गई। अब फिर से तीसरी लहर आना बताया जा रहा है।
- इरशाद, सूट सलवार विक्रेता
कोरोना के कारण कपड़ा व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित रहा। संक्रमण के डर से बाजार की चहल-पहल गायब है। बड़े शहरों में लॉकडाउन हो जाने के कारण मनमुताबिक आर्डर का माल भी नहीं मिल पा रहा है। इससे ग्राहक मायूस हो रहे हैं।
- विकास सेठ, कपड़ा कारोबारी