यह था मामला
सदर कोतवाली के गांव लालपुर निवासी 30 वर्षीय सनी उर्फ अश्वनी रस्तोगी गुरुवार की शाम छह बजे अपने दोस्त अनुज दीक्षित के साथ तिलक समारोह में शामिल होने गया था। सनी का दोस्त अनुज उसे घर से जल्दबाजी में बुलाकर ले गया था, जिससे वह कपड़े भी नहीं बदल सका था। मृतक के भाई राजकुमार रस्तोगी ने बताया कि सनी ने दोस्त अनुज के घर पर जाकर उसके कपड़े पहने थे, जिसके बाद दिलीप तिवारी के तिलक समारोह में शामिल हुआ था।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि रात करीब नौ बजे सनी उर्फ अश्वनी रस्तोगी ने तमंचे से हर्ष फायरिंग करने का प्रयास किया, लेकिन फायर मिस हो गई। इसके बाद दोबारा फायर करने का प्रयास किया, तो उसके संभलने से पहले ही फायर हो गई जो उसके पेट के बाएं हिस्से में जा लगी। युवक के घायल घायल होने पर समारोह में अफरा-तफरी मच गई। घायल सनी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर ने गंभीर हालत के चलते उसे लखनऊ रेफर कर दिया। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
पुलिस को छानबीन के दौरान नहीं मिले घटना के सीसीटीवी फुटेज
पुलिस ने चंदेल पैलेस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन उसमें घटना के फुटेज नहीं मिले हैं। लिहाजा पुलिस ने लोगों के बयान के आधार पर मृतक के 315 बोर के तमंचे से फायर किए जाने की बात कही है। वहीं मृतक के भाई राजकुमार रस्तोगी पुलिस के बयान से संतुष्ट नहीं है, बल्कि उन्होंने किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा फायर किए जाने की आशंका जताई है। मृतक सनी शादीशुदा था, उसके तीन बच्चे भी हैं। युवक की असमय मौत से परिजन सदमे में हैं।