जड़ौरा में नौ वर्षीय बालक के अपहरण के मामले में पुलिस की सर्राफा व्यापारी के यहां अचानक पड़ी दबिश से व्यापारी भड़क गए, जिन्होंने मानव शृंखला बनाकर चौराहे पर जाम कर जाम लगा दिया।
मोबाइल पर मैसेज के आधार पर दोपहर को मोहम्मदी रोड के सर्राफा व्यापारी रामचंद्र रस्तोगी के घर बिना वारंट हैदराबाद पुलिस की दबिश से व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में रामचंद्र रस्तोगी के घर काफी संख्या में व्यापार संगठन के नेता और दुकानदार एकत्र हो गए। शक के आधार पर पुलिस की इस कार्यशैली से नगर के व्यापारी भड़क उठे और उन्होंने मोहम्मदी रोड सहित नगर के तमाम सर्राफा और अन्य व्यापारियों की दुकानें बंद करवा दीं। सदर चौराहा मानव शृंखला बनाकर सड़कें जाम कर दीं। इससे चौराहे से जाने वाली सभी मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव और कोतवाल एके उपाध्याय के मान मनौवल पर व्यापारी शांत हुए।
हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव जड़ौरा निवासी रोहनलाल का नौ वर्षीय पुत्र दिव्यांश 25 अगस्त को घर से कहीं गायब हो गया था। काफी खोजबीन करने के बाद जब बालक नहीं मिला तब परिवार वालों ने प्रधान अनुराग मिश्र के साथ हैदराबाद थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपहृत बालक के चाचा रामकुमार वर्मा ने बताया कि सुबह उनके और प्रधान अनुराग मिश्र के मोबाइल पर एक मैसेज आया जिसमें लिखा था कि मोहम्मदी रोड स्थित एक साइकिल स्टोर के पास पीले रंग के तिमंजिला मकान में अपहृत बालक कैद है। यह मैसेज हैदराबाद पुलिस को दिखाया गया। जिस पर हैदराबाद पुलिस हरकत में आयी और मैसेज के आधार पर गांव के प्रधान और परिवार वालों के साथ मोहम्मदी रोड पर सर्राफा व्यवसायी रामचंद्र रस्तोगी के मकान पर पहुंच गए। घर पर पुलिस देखकर पड़ोसी दुकानदारों ने जब रामचंद्र रस्तोगी को बताया तो वह घर पहुंचे और पुलिस से तलाशी संबंधित जानकारी मांगी आरोप है कि इस पर पुलिस वालों ने उनके साथ अभद्रता की। इससे नगर के व्यापारी भड़क उठे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रोड पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे व्यापारिक संगठनों के लोगों ने एकत्र होकर मोहम्मदी रोड और सर्राफा की दुकानें बंद करवा दीं और नारेबाजी करते हुए सदर चौराहे पर आकर मानव शृंखला बनाते हुए सड़कें जाम कर दीं। व्यापारी जड़ौरा प्रधान एवं पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करने लगे।
एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता और कोतवाल एके उपाध्याय ने व्यापारियों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया लेकिन व्यापारी नहीं माने और कोतवाली जाकर प्रदर्शन करने लगे। काफी देर तक व्यापारियों, ग्राम प्रधान जड़ौरा और पुलिस में नोकझोक होती रही। सूचना देकर सीओ अवनीश्वरचंद श्रीवास्तव को बुलाया गया। इस पर काफी मान मनौवल के बाद व्यापारी शांत हुए।
इस मौके पर कैलाशचंद्र गुप्ता, बालकृष्ण बल्लू, राजेश गुप्ता, राजेश आनंद मिन्नी, गोपाल कृष्ण शुक्ल, अरविंद गुप्ता रामजी, गोपाल राजपूत, अरुण अवस्थी, दुर्गेश सोनी सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।