नगर पालिका से होने वाले विकास कार्यों में कई काम मंजूरी न मिलने तो कई बजट के अभाव में अधर में लटक गए। सड़कों का चौड़ीकरण तो हुआ लेकिन कई जर्जर सड़कों का उद्धार न हो सका। शहर की आधा दर्जन से अधिक मुख्य सड़कों के निर्माण के लिए नगर पालिका ने बजट बनाकर प्रस्ताव तो भेजे लेकिन मंजूरी न मिलने से उन पर काम नहीं हो पाया। इसके चलते पूरा साल नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शहर की सीतापुर रोड पर बना ओवरब्रिज शुरू क्या हुआ शहर की तमाम सड़कों पर ट्रैफिक लोड बढ़ गया। ओवरब्रिज के नीचे दोनों ओर की जर्जर सड़कें न बन पाने से आवागमन में दिक्कतें कम होने की बजाए और बढ़ गईं। ओवरब्रिज के नीचे तो इंटरलॉकिंग हो गईं लेकिन आवागमन को सड़कें जस की तस रहीं। नगर पालिका का कहना है कि ये सड़क लोक निर्माण विभाग की हैं इसलिए इसे बनाने की जिम्मेदारी भी लोक निर्माण विभाग की है लेकिन वह उदासीन है। इसका खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका सदस्य कुमदेश शंकर शुक्ला, अनूप शुक्ला और सदस्य प्रतिनिधि राम औतार पहाड़ी का कहना है कि शहर में सड़कों के चौड़ी करण, मोहल्लों में गलियों का निर्माण, इंटरलॉकिंग आदि काफी काम हुआ है लेकिन शहर की मुख्य सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे जनता परेशान हो रही है।
इन सड़कों के निर्माण के लिए बना बजट और भेजा प्रस्ताव
ऐरा रोड को जोड़ने वाली नौरंगाबाद रोड, मेला मैदान से महेवागढ़ी रोड, लोहिया भवन से विलोबी मेमारियल हाल तक रोड, भाजपा कार्यालय से दुखहरन नाथ मंदिर की रोड, इमली चौराहा से मेला मैदान तक रोड
पूरे साल नहीं मिली मंजूरी अब उम्मीद
नगर पालिका ने शहर की आधा दर्जन से अधिक सड़कों के निर्माण के लिए बजट और प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए डीएम को भेजा था। करीब चार करोड़ के इन प्रस्तावों को पूरे साल मंजूरी नहीं मिली। नगर पालिका को उम्मीद है कि फरवरी तक इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिल जाएगी। मालूम हो कि ये सड़कें बेहद जर्जर हो चुकी हैं। इन पर निकलने वाले वाहन खराब हो रहे है। सड़कों पर गड्ढे हो जाने से आए दिन हादसे भी हो रहे हैं।
प्रस्ताव मंजूर हो तो बदले सूरत
नगर पालिका ने अगले साल की कार्ययोजना में 550 करोड़ रुपये की लागत से सीवर लाइन डालने, आवास विकास कालोनी में 60 लाख की लागत से पार्क का निर्माण और अमृत योजना के तहत शहर की पेयजल योजना को दुरुस्त करना है। साथ ही ऑडीटोरियम और शॉपिंग कांपलेक्स निर्माण का प्रस्ताव भी शासन के पास है।
इस वित्त वर्ष में शहर की आधा दर्जन से अधिक प्रमुख सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया था। इन्हें मंजूरी नहीं मिली। फरवरी के पहले सप्ताह तक इन्हें मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. इरा श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद, लखीमपुर खीरी