लखीमपुर खीरी। ठंड बढ़ते ही स्केबीज (खुजली की बीमारी) के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में पिछले कुछ दिनों से रोजाना औसतन 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें दवाओं के साथ परामर्श दे रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि स्केबीज एक संक्रामक त्वचा रोग है, जो माइट्स नामक सूक्ष्म कीटाणुओं के कारण होता है। ये कीटाणु संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, कपड़े, तौलिया या बिस्तर साझा करने से आसानी से फैल जाते हैं। ठंड के मौसम में लोग कम नहाते हैं और कपड़े दोबारा पहनते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। मरीजों में तेज खुजली, लाल चकत्ते, छोटे-छोटे दाने और जलन जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। यह बीमारी अधिकतर हाथ, पैर, कलाई, कमर और उंगलियों के बीच की त्वचा को प्रभावित करती है।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र गौतम ने बताया कि स्केबीज का इलाज सरल है, लेकिन समय पर उपचार जरूरी है। उन्होंने कहा, संक्रमित व्यक्ति के साथ रहने वाले सभी लोगों को भी उपचार लेना चाहिए, ताकि बीमारी दोबारा न फैले। इसके अलावा रोज स्नान करें। अपने कपड़े-बिस्तर गर्म पानी में धोएं। खुजली होने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।