लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में शिक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है। उम्मीद है कि जनवरी के पहले सप्ताह में पोर्टल खुलेगा। विभागीय अफसरों का कहना है कि शासन स्तर से पोर्टल अपडेशन का काम पूरा नहीं हुआ है।
अभिभावकों का कहना है कि योजना के लिए आवेदन में हो रही देरी का असर उनके प्रवेश पर भी पड़ेगा। पिछले साल एक दिसंबर से यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो मार्च तक चली थी। पहली लाटरी जनवरी में ही पूरी कर ली गई थी और प्रवेश-प्रक्रिया में अभिभावक जुट जाते थे। शुरुआती दौर में ही सारे दस्तावेज पूरे होने के बाद नवीन सत्र में प्रवेश बच्चों को दिया जाता था।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अभी प्रक्रिया पूरी होने में 10 दिनों का अतिरिक्त समय लग सकता है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे जिले में आरटीई के लिए पांच हजार सीटों पर आवेदन लिए जाते हैं। पिछले साल 833 स्कूल पोर्टल पर पंजीकृत थे। इस बार स्कूलों की संख्या में इजाफा हुआ है। अभी तक 848 स्कूलों की मैपिंग की गई है।
सिंतबर में आए नए शासनादेश में प्रवेश के दौरान बच्चों की आयु में परिवर्तन किया गया है। अब नर्सरी में प्रवेश के लिए तीन साल या उससे अधिक किंतु चार साल से कम होनी चाहिए। एलकेजी में प्रवेश के लिए चार साल की उम्र निर्धारित की गई है। यूकेजी के लिए पांच साल उम्र होनी जरूरी है, लेकिन छह साल से कम होनी चाहिए। कक्षा एक में प्रवेश के लिए छह साल या उससे अधिक किंतु सात साल से कम उम्र होनी चाहिए, तभी प्रवेश लिया जाएगा।
मान्यता पर भी अभिभावकों को देना होगा ध्यान
प्रवेश के दौरान आवेदन करने वाले अभिभावकों को जिस स्कूल में प्रवेश के लिए आवेदन कर रहे हैं, उसकी मान्यता पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। कुछ स्कूलों में नर्सरी एलकेजी की मान्यता न लेकर कक्षा एक से पांच, पांच से आठ और नौ से 12 तक के लिए मान्यता विभाग से मिलती है। अभिभावकों की गलती से आवेदन निरस्त भी हो सकता है।
वर्जन
अभी तक शासन की ओर से पोर्टल खुलने के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। जैसे ही शासन से आदेश मिलेगा, प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। अभिभावक किसी के भी झांसे में न आएं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी हैं।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए