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अब चीनी मिलें एस्क्रो के खाते में जमा करेंगी 90 फीसदी धनराशि

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चार चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान में देरी करने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया
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एस्क्रो एकाउंट में अब तक जमा होती थी चीनी, शीरा, बैगास बिक्री की 85 फीसदी ही धनराशि
लखीमपुर खीरी। बजाज और एडवंट्ज ग्रुप की चार चीनी मिलों द्वारा गन्ना मूल्य भुगतान में देरी किए जाने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है। गन्ना भुगतान में तेजी लाने के लिए डीएम ने एस्क्रो एकाउंट में जमा की जाने वाली धनराशि को 85 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। इससे चीनी, शीरा, बैगास आदि की बिक्री से प्राप्त धनराशि का 90 प्रतिशत भुगतान किसानों के खाते में भेजा जाएगा। डीएम की इस पहल से किसानों को बकाया मूल्य भुगतान जल्द होने की उम्मीद बढ़ गई है।
जनपद की नौ चीनी मिलों में से तीन मिल- अजाबपुर, कुंभी और गुलरिया ने पेराई सत्र 2020-21 में खरीदे गए गन्ना मूल्य का पूर्ण भुगतान कर दिया है। शेष छह मिलों- बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा, एडवंट्ज ग्रुप की ऐरा और सहकारी मिल संपूर्णानगर व बेलरायां ने अब तक किसानों को पूरा भुगतान नहीं किया है। इन छह मिलों पर 12 अरब 21 करोड़ 58 लाख 27 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है। सबसे खराब स्थिति बजाज ग्रुप की तीनों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा मिलों की है। इन्होंने नवंबर 2020 तक का पूरा भुगतान नहीं किया है। वहीं ऐरा मिल ने तीन फरवरी 2021 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है।
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सहकारी क्षेत्र की बेलरायां मिल ने नौ मार्च 2021 तक और संपूर्णानगर मिल ने सात फरवरी 2021 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। बजाज की तीन और एडवंट्ज ग्रुप की एक मिल द्वारा पिछले कई सालों से भुगतान में देरी किए जाने के चलते जिला प्रशासन की निगरानी में इनकी चीनी की बिक्री की जाती है। बिक्री से प्राप्त धनराशि के 85 प्रतिशत हिस्से से किसानों को भुगतान किया जाता था। इस धनराशि को पहले एस्क्रो एकाउंट में जमा किया जाता है, जिसका संचालन संबंधित मिल के अध्यासी, वित्त अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से होता है। ताकि चीनी मिलें भुगतान में मनमानी न कर सकें। नान सीसीएल वाली चीनी मिलों गोला, पलिया, खंभारखेड़ा की चीनी, बैगास, शीरा आदि उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए संबंधित मिल के अध्यासी, संबंधित तहसील के एसडीएम और ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक के पास प्रभार है।
चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 38852.49
पलिया 31071.96
खंभारखेड़ा 25046.99
ऐरा 13465.95
बेलरायां 5472.28
संपूर्णानगर 8248.60
चार चीनी मिलों पर किसानों का सबसे ज्यादा गन्ना मूल्य बकाया है। इनके एस्क्रो एकाउंट खोले गए हैं, जिसमें अब चीनी समेत अन्य उत्पादों की बिक्री से प्राप्त धनराशि का 90 प्रतिशत रुपया जमा कराया जाएगा। इससे किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में थोड़ी वृद्घि होगी। - ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी
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क्या होता है एस्क्रो खाता
लखीमपुर खीरी। एस्क्रो खाता ऐसे खाते को कहा जाता है, जिसमें कोई तीसरा पक्ष दो अन्य पक्षों की तरफ से तय उद्देश्यों के लिए लेन/देन करता है। अधिकांशत: चीनी मिलें और तेल विपणन कंपनियां इस खाते का प्रयोग करती हैं। इस खाते पर चीनी मिलें डिस्टलरी की स्थापना के लिए कम ब्याज पर ऋण भी ले सकती हैं। ऐसे खाताधारकों की अगर बैलेंस सीट कमजोर होती है तो भी बैंकें ऋण देने पर विचार कर सकती हैं। संवाद
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