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अब अंगूठे के निशान से किसानों को मिलेगी खाद

Sun, 30 Apr 2017 12:02 AM IST
अमित गुप्ता  लखीमपुर खीरी।
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सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया कदम
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निजी दुकानों और समितियों पर लगेगी पीओएस मशीन
एक जून से लागू हो जाएगी नई व्यवस्था 
खाद की कालाबाजारी और सब्सिडी के दुरुपयोग को पूरी तरह रोकने के लिए भारत सरकार ने एक जून 2017 से नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है, जिसमें किसानों को उनके अंगूठे के निशान पर ही खाद मिलेगी। इसके लिए सभी किसानों के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य हो गया है। सभी निजी दुकानदारों और सहकारी समितियों को प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन उपलब्ध कराई जाएगी, जिस पर किसान के अंगूठे का निशान लिया जाएगा। 
सरकार के इस कदम से कालाबाजारी से लेकर सब्सिडी के दुरुपयोग को पूरी तरह रोका जा सकेगा। क्योंकि किसान तक खाद पहुंचने की मात्रा पर ही कंपनियों को सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाएगी। कृषि निदेशालय ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि वास्तविक उर्वरक बिक्री की जानकारी के लिए प्रत्येक रिटेलर (फुटकर खाद विक्रेता) की दुकानों और सहकारी समितियों पर पीओएस मशीन स्थापित की जाएगी। जून 2017 से कोई भी उर्वरक की बिक्री बिना पीओएस के नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होते ही खाद के कारोबार में काफी बदलाव आना तय है, क्योंकि नेपाल बार्डर होने के चलते जिले में खाद तस्करी की बड़ी शिकायतें आती थीं। कई बार तस्करी का भंडाफोड़ भी हुआ, लेकिन पीओएस मशीन के प्रयोग से तस्करी पर नकेल कसी जा सकेगी। 
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1015 मशीनों का आवंटन
जिले में खाद दुकानों और समितियों पर लगाने के लिए 1015 पीओएस मशीनें आवंटित हुई है, पारादीप फास्फेट लिमिटेड 995 और नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड 20 पीओएस लगवाएगी। साथ ही संचालन का दुकानदारों को प्रशिक्षण भी देगी। 

राजस्व अभिलेख और मृदा स्वास्थ्य से भी होगा जुड़ाव
खाद बिक्री की नई व्यवस्था के लागू होने के बाद सरकार ने आगे का भी प्लान बनाया है, जिससे कोई भी किसान आवश्यकता से अधिक खाद प्राप्त नहीं सकेगा। सूत्र बताते हैं कि आने वाले समय में किसानों की जमीन के अभिलेख और मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कार्ड को भी जोड़ा जाएगा। 
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चार मई 2017 से उप कृषि निदेशक कार्यालय छाउछ के सभागार में खाद विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ब्लाकवार अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं, जो 13 मई 2017 तक चलेगा। प्रतिदिन दो पालियों में पूर्वाह्न 11 बजे और अपराह्न दो बजे से प्रशिक्षण प्रारंभ होगा। रिटेलर को अपने साथ लाइसेंस, डाटा पैक वाला सिम, एंड्रायड मोबाइल और आधार कार्ड की मूल प्रति लाना होगा। 
- सत्येंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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