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यहां तो पानी ही नहीं, कैसे बने एमडीएम

Fri, 28 Apr 2017 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बांकेगंज।
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पानी - फोटो : अमर उजाला
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दूर से पानी लाने के झंझट के चलते स्कूल में नहीं बन रहा दोपहर का भोजन
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भीषण गर्मी में पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे स्कूली बच्चे
ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मक्कागंज में पिछले एक साल से इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़ा है। इसके चलते एमडीएम बनाने के लिए आधा किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था। इससे किसी तरह एमडीएम तो बन जाता था, लेकिन खाने के बाद बच्चों को पानी पीने और हाथ धोने का संकट हो जाता है। इस झंझट से बचने कि लिए स्कूल में 10 दिन से एमडीएम ही नहीं बन रहा है।
प्रधानाध्यापिका सिमन जीत कौर ने बताया कि स्कूल में लगा इंडिया मार्का हैंडपंप पिछले एक साल से खराब पड़ा है। नल में काफी दिनों तक गंदा और बदबूदार पानी निकलता रहा, इसके कुछ दिन बाद नल से बालू निकलने के साथ वह ठप हो गया। एमडीएम बनाने के लिए रसोइयों को एक किलोमीटर दूर गांव में लगे नल से पानी लाना पड़ता था। स्कूल का नल ठप होने से भीषण गर्मियों में बच्चों को प्यास बुझाने के लिए गांव में लगे नलों पर जाना पड़ता था। कहा कि स्कूल से पानी पीने के लिए गांव जाने पर बच्चे रास्ते में एक दूसरे से धक्का-मुक्की करते थे, इसमें एक बच्चे के सड़क पर गिरने से उसकी बांह में फ्रैक्चर हो गया। स्कूल में पानी की किल्लत के चलते 19 अप्रैल से मजबूरन एमडीएम बनवाना बंद करना पड़ा। जिसकी लिखित सूचना विभागीय अधिकारियों को भेजी गई है।
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प्रधानाध्यापिका बताती है कि स्कूल में एक साल से बंद पड़े नल को बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ बीडीओ बांकेगंज सहित ण्क्सईएन जल निगम को कई बार चिट्ठी लिखी गई। बावजूद इसके इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। कहा तपती गर्मी में स्कूल में पानी के संकट के चलते बच्चे स्कूल आने से कतराने लगे है। स्कूल में एक साल से बंद पड़े नल से बच्चे, शिक्षक/ शिक्षिकाएं और वहां आने वाले अभिभावक पीने के पानी के संकट से जूझ रहे है।
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