आबकारी विभाग के तमाम प्रयासों के बावजूद सात दुकानों का व्यवस्थापन (आवंटन) नहीं हो पाया है, जिससे आबकारी विभाग को झटका लगना तय माना जा रहा है। तीसरे चरण में 30 दुकानों का आवंटन होना था, जिसमें 23 लोगों ने ही आवेदन फार्म जमा किए हैं। लिहाजा सात दुकानों के भविष्य पर अनिश्चतता के बादल मंडराने लगे हैं।
जनपद में वर्ष 2015-16 के लिए शराब दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है, जिसमें 30 दुकानों का किया जाना था। बताते चलें कि पहले रिन्यूवल, फिर लाटरी प्रक्रिया से व्यवस्थापन किया गया। अब ऑफर सिस्टम से 30 दुकानों का आवंटन किया जाना है, जिसमें 19 अंग्रेजी और 11 देशी दुकानें शामिल हैं। इसके तहत पुरानी (गत वर्ष) लाइसेंस फीस पर दुकान लेने का ऑफर दिया गया है। 16 फरवरी 2015 तक आवेदन फार्म लेने और जमा करने की अवधि बीत चुकी है। इस अवधि में 24 लोगों ने आवेदन फार्म खरीदे थे, जिसमें 23 फार्म (टेंडर) जमा हुए हैं। यह 18 फरवरी को कलक्ट्रेट सभागार में खोले जाएंगे। अवशेष सात दुकानों के व्यवस्थापन की प्रक्रिया अब शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कराई जाएगी।
प्रभारी आबकारी अधिकारी डीपी तिवारी ने बताया कि भरसक कोशिश की गई, जिसमें 23 आवेदन फार्म जमा हुए हैं, जिनका आवंटन कराने के पश्चात रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। ऑफर में छूटने वाली दुकानों के बारे में शासन निर्णय लेगा।