कोर्ट ले जाने के बजाए कारागार से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बंदियों की पेशी कराने की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। वजह है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए जरूरी दो बड़े हाल की कमी। कारागार अधीक्षक ने इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए पत्र भेजकर कारागार मुख्यालय लखनऊ से दिशा-निर्देश मांगा है।
बता दें कि शासन के निर्देश पर कारागार को कोर्ट से जोड़ने के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की तकनीक का सहारा लिया जाना है। प्रदेश की जेलों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट से जोड़ने को लेकर दो चरणों में महानगरों और बड़े शहरों में योजना का काम पूरा कर लिया गया है। तीसरे चरण में खीरी, सीतापुर, शाहजहांपुर समेत 38 जिले शामिल हैं। जेल अधिकारियों के मुताबिक वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए जरूरी सामान आ गया है, लेकिन कचहरी परिसर और कारागार में दो बड़े हाल नहीं मिल रहे हैं। हाल न मिलने की दशा में दोनों जगहों पर दो बड़े हाल के निर्माण का कार्य कराया जाना है। इसको लेकर जेल अधीक्षक ने कारागार मुख्यालय को पत्र भेजकर निर्माण कार्य के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश मांगा है। जेलर ज्ञानप्रकाश का कहना है कि वीडियो कांफ्रेंसिंग सुविधा शुरू कराने में अभी कुछ और समय लग सकता है। इस संबंध में अधिकारियों की गाइड लाइन आने के बाद जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।