प्रधान और सदस्य ग्राम पंचायत के मतदान के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने मोबाइल ही नहीं बल्कि उम्मीदवारों और उनके एजेंटों के पानी रखने पर भी पाबंदी लगा दी है। चूंकि दोनों पदों का निर्वाचन बेहद संवेदनशील मसला है, इसलिए आयोग को मतपेटी की सुरक्षा और अफवाहों के प्रचारित होने का भी डर सता रहा है।
\उम्मीदवारों और एजेंटों के पास मोबाइल या किसी प्रकार का तरल पदार्थ होने की स्थिति में उनसे 100 मीटर की परिधि से दूर रहने को कहा गया है। विशेष कार्याधिकारी जय प्रकाश सिंह ने प्रशासन को भेजे गए पत्र में यह आदेश जारी किया है।
बता दें कि जिला एवं क्षेत्र पंचायत के मुकाबले प्रधान और सदस्य पद का चुनाव बेहद संवेदनशील है और इसमें कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। चुनाव के दौरान लोगों के कई समूह में बंट जाने की वजह से मतदान और मतगणना के दौरान गड़बड़ी की आशंका रहती है।
चूंकि आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने का आदेश जारी किया है, इसलिए हर बिंदु पर फोकस किया जा रहा है। एक अधिकारी का कहना है कि तरल पदार्थ से मतपेटी को खतरा है। इस वजह पानी और तरल पदार्थ को ले जाने पर रोक लगाई गई है। वहीं पोलिंग स्टेशन या मतगणना की गोपनीयता बनाए रखने के लिए मोबाइल पर प्रतिबंध लगा है। हालांकि यह प्रतिबंध चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों पर नहीं लागू होगा।
मतदाता सूची के लिए भटक रहे उम्मीदवार
प्रधान और सदस्य पद के उम्मीदवार इन दिनों ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक मतदाता सूची के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें सूची नहीं मिल रही है। दरअसल तीसरे और चरण की मतदाता सूची अभी तक फाइनल नहीं हो सकी है इसलिए सूची को आनलाइन भी नहीं किया गया। बता दें कि यह कार्य चरणवार नामांकन वाले दिन पूर्ण होने की उम्मीद है। इसकी जानकारी न होने पर उम्मीदवार ब्लाक, विकास भवन और निर्वाचन कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं।