राजकीय महाविद्यालय में एक सौ से अधिक छात्र-छात्राओं के परीक्षा प्रवेश पत्र न आने से उनका भविष्य अधर में है। शिकायत पर एसडीएम ने प्राचार्य को तलब किया और घपलेबाजी की आशंका पर उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं।
छात्र स्पर्श आर्या ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि प्रवेश शुल्क जमा करवाया गया और उसकी रसीदें भी मिलीं, जिनकी संख्या और प्रति भी छात्र-छात्राओं के पास है, लेकिन उनका प्रवेश पत्र नहीं आया। पता चला कि उनका प्रवेश ही नहीं हुआ है। इस बावत प्राचार्य का कहना था कि बाक्स में हस्ताक्षर न होने और कई छात्र-छात्राओं द्वारा परीक्षा फार्म न भरने से ऐसा हुआ। छात्र छात्रा इससे संतुष्ट न हुए और एक छात्र स्पर्श आर्या ने एसडीएम को लिखित शिकातयी पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने महाविद्यालय में बीकाम में प्रवेश लिया था, जिसका शुल्क भी उन्होंने बैंक में जमा कराया और परीक्षा फार्म भी भरा, लेकिन हस्ताक्षर वाली सूची में उनका नाम नहीं आया और प्रवेश पत्र भी नहीं मिला। जानकारी की तो पता चला कि विश्वविद्यालय से ही प्रवेश पत्र नहीं आया है। आरोप है कि पड़ताल करने पर जानकारी हुई कि तय प्रवेश से ज्यादा प्रवेश कर लिए गए और फिर घपलेबाजी कर रुपये देने वालों को शामिल करा दिया गया। पत्र में कहा गया कि तमाम छात्रों के प्रवेश फर्जी हैं। इस पर लोगों के सामने ही प्रचार्य डॉ. आरआर राजपूत को एसडीएम एसपी सिंह ने तलब किया और पूछताछ की। इसमें प्राचार्य ने वही बात दोहराई, लेकिन इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। उन्हाेंने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। इस दौरान तमाम पीड़ित छात्र छात्राओं समेत अशोक आर्या, उदयवीर सिंह, एम फुरकान अंसारी, पवन अग्रवाल आदि मौजूद रहे।