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Lakhimpur Kheri News: सीएचसी पर चिमटियां नहीं... नाल पर बांधा जा रहा धागा

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लखीमपुर खीरी। शिशु के जन्म पर उसकी नाल में लगाई जाने वाली चिमटी (कार्ड क्लैंप) अधिकांश सीएचसी पर नहीं हैं। चिकित्सक इसकी जगह नाल पर धागा बांधकर काम चला रहे हैं। इससे इंफेक्शन का खतरा है। डिमांड भेजे जाने के बावजूद उपकरणों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
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मितौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे के जन्म के बाद उसकी नाल पर चिमटी की जगह धागा बांधे जाने का मामला सामने आने के बाद शनिवार को जिले के सभी अस्पतालों में पड़ताल की गई। अधिकांश जगह चिमट नहीं पाई गई। चिमटी की जगह धागा बांधकर काम चलाया जाना पाया गया। जबकि डिमांड काफी पहले भेजी जो चुकी है, लेकिन उपलब्ध कराए जाने में लापरवाही बरती जा रही है।
नाल पर धागा बंधने से बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। अगर संक्रमण बढ़ जाए तो नवजात की मौत भी हो सकती है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही लगातार जारी है।
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पीएचसी पर 15 दिनों से नहीं हैं कार्ड क्लैंप
बिजुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ के उप स्वास्थ्य केंद्र नौसरजोगी (डुंडवा) में लगभग 15 दिनों से नाल में लगाई जाने वाली चिमटी उपलब्ध नहीं है। जबकि यहां पर प्रत्येक दिन पांच से सात प्रसव होते हैं। प्रसव के बाद सभी बच्चों की नाल पर धांगा बांधा जाता है। संवाद
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कब आएंगी चिमटियां, पता नहीं
मोहम्मदी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कई दिनों से चिमटी नहीं है। ऐसे में स्टाफ बच्चे की नाल पर चिमटी की जगह धागा बांधकर काम चलाते हैं। जबकि सीएचसी में डिमांड काफी पहले ही भेजी जा चुकी है, लेकिन आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि डिमांड भेजी गई है। संवाद
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निघासन में लंबे समय से बांधा जा रहा धाग
निघासन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी चिमटी का अभाव है। यहां भी बच्चों के जन्म पर धागा बांधकर काम चलाया जा रहा है। सीएचसी अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि वैसे धागा बांधने से कोई नुकसान नहीं होता है। चिमटी के लिए डिमांड भेजी जा चुकी है। संवाद
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बांकेगंज सीएचसी में एक माह से नाल चिमटी उपलब्ध नहीं

बांकेगंज सीएचसी में एक माह से नाल चिमटी उपलब्ध नहींबांकेगंज। सीएचसी अधीक्षक डॉ एके सिंह ने बताया कि नवजात शिशुओं के जन्म के बाद उनकी नाल पर लगाने वाली चिमटी पिछले एक माह से उपलब्ध नहीं है। इसके लिए जिला मुख्यालय पर मांग पत्र भेजा गया है। इसके अलावा प्रसव कक्ष में सभी उपकरण मौजूद हैं। संवाद
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यहां उपलब्ध मिलीं
पसगवां सीएचसी अधीक्षक डॉ. अश्विनी वर्मा ने बताया कि अस्पताल में पर्याप्त चिमटियां हैं। गोला में भी चिमटी (कार्ड क्लैंप) उपलब्ध हैं। बरवर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नाल में लगाई जाने वाली 50 चिमटी हैं। पलियाकलां सीएचसी पर चिमटी पर्याप्त हैं।

चिमटी सहित अन्य चिकित्सा उपकरण की व्यवस्था एनएचएम से की जाती है। डिमांड भेजने के बाद भी चिमटी किस वजह से उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, इसकी जांच कराई जाएगी।
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- डॉ. अनिल गुप्ता, प्रभारी सीएमओ
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