गोष्ठी में बोले उप गन्ना आयुक्त, गुलरिया क्षेत्र में किया गन्ना सर्वे कार्य
उप गन्ना आयुक्त शेरबहादुर यादव ने गुलरिया चीनी मिल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौैरान उन्होंने किसानों से बातचीत कर गन्ना मूल्य भुगतान के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद उप गन्ना आयुक्त ने खेत में जाकर गन्ना सर्वे के बारे में गहनता से जांच की। गांव में गोष्ठी कर किसानों को उन्नति तरीके से खेती करने के गुर भी बताए।
सबसे पहले उप गन्ना आयुक्त अपनी टीम के साथ बिजुआ निवासी किसान नारायण वाजपेयी के खेत पर पहुंचे। वहां चल रहे गन्ना सर्वे कार्य को देखा और फीडिंग के हिसाब से खेत की नाप कराई। किसान द्वारा भरे गए घोषणा पत्र की जांच की, वह सही निकला। इसके बाद खेत में बोई गई गन्ने की प्रजाति तथा बोने की विधि तथा सहफसली खेती के बारे में भी किसान से जानकारी ली। इसके बाद शंकरपुर के प्रगतिशील किसान गोपालराम मौर्य के खेत में खड़ी गन्ना फसल को देखा। गन्ने की अच्छी पैदावार देखकर उत्साहित उप गन्ना आयुक्त ने गोपालराम से गन्ने की खेती के बारे मे पूछा। तो उसने बताया कि खेत में रासायनिक खाद या कीटनाशक का प्रयोग बिल्कुल नहीं किया, सिर्फ गोबर की खाद डाली है। ट्रेंच विधि से गन्ना बोने के बाद सहफसल के तौर पर आलू तथा धनिया बोया था, जिससे एक एकड़ में 90 क्विंटल आलू, तीन क्विंटल धनिया प्राप्त हुई है। इससे गन्ने की लागत निकल आई। लौकहा निवासी बाबूलाल, प्रधान चरनपाल सिंह सोढ़ी के खेतों का भी निरीक्षण किया। चरनपाल सिंह के यहां उप गन्ना आयुक्त ने गोष्ठी में कहा कि जमीन का रकबा बढाया नहीं जा सकता, उत्पादन बढ़ाना होगा। उन्होंने गन्ने का संपूर्ण सर्वे कराने तथा अगेती किस्म का गन्ना बोने के साथ सहफसली खेती करने पर जोर दिया। इस मौके पर जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव, गन्ना विकास समिति भीरा के चेयरमैन आलोक मिश्रा, सचिव रंजय कुमार जायसवाल, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधकरामेंद्र त्यागी, सहायक गन्ना प्रबंधक प्रवीन शर्मा मौजूद रहे।