लखीमपुर खीरी। गढ़ी उपकेंद्र के पास लाइन शिफ्टिंग का मामला सुलझने के बजाय उलझता जा रहा है। मामले में अब एक नया मोड़ सामने आ गया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि लाइन शिफ्टिंग में बड़ा खेल किया गया। न टेंडर कराया गया न ही स्टोर से सामग्री ली गई। शिफ्टिंग में जो सामग्री इस्तेमाल की गई, वह चोरी की है। हालांकि विभागीय अफसरों ने अभी तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया।
गढ़ी रोड पर बिजली की अंडर ग्राउंड लाइन शिफ्ट करने का मामला तीन दिन पहले प्रकाश में आया था। सूत्रों ने बताया कि राजापुर से कलक्ट्रेट उपकेंद्र तक 33 केवीए लाइन से ही बिजली उपकरण से चोरी कर लाइन शिफ्टिंग की जा रही थी। हालांकि जिम्मेदार अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं। लखीमपुर डिवीजन के एक्सईएन शैलेंद्र कुमार ने शिफ्ट की गई लाइन को अवैध बताया।
एक्सईएन के निर्देश पर गढ़ी पाॅवर हाउस के जेई शेर अली ने ठेकेदार के खिलाफ नामजद तहरीर दी, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
अफसरों ने बताया कि गढ़ी उपकेंद्र से जुड़ा यह मामला है। अगर लाइन शिफ्टिंग का कार्य होना है तो एस्टीमेट बनाने, टेंडर कराने और कार्य स्वीकृत कर बिजली स्टोर से सामान दिलाने का काम लखीमपुर डिवीजन का है।
ठेकेदार ने कार्य करने के लिए संपर्क नहीं साधा, बल्कि सीधे अंडरग्राउंड लाइन बिछा दी, जो पूरी तरह गलत है। जबकि मितौली डिवीजन के एक्सईएन का दावा है कि लाइन शिफ्टिंग का कार्य नियमों के अनुसार हो रहा है। उधर, अधीक्षण अभियंता धर्मेंद कुमार ने कहा कि मामले की जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।