पलियाकलां। त्रिकौलिया और पटिहन क्षेत्र में पिछले एक महीने से सक्रिय बाघ अब वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। बीते दो दिनों से उसकी कोई लोकेशन नहीं मिल रही, जिससे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
दो दिन पहले इब्राहिमपुरी और विक्रम वन क्षेत्र के आसपास दिखने के बाद बाघ अचानक ओझल हो गया। वन विभाग की टीमें लगातार कॉम्बिंग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। रेतीली और कच्ची जमीन होने के बावजूद बाघ के ताजा पदचिह्न भी नहीं मिल रहे हैं।
बाघ की तलाश में ड्रोन से भी सघन निगरानी की गई, लेकिन झाड़ियों के बीच उसकी कोई गतिविधि नजर नहीं आई। क्षेत्रीय वनरक्षक रमाकांत मिश्रा ने बताया कि टीम लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन लोकेशन न मिलना चुनौती बना हुआ है।
बाघ के संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने त्रिकौलिया, पटिहन समेत आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों से समूह में खेतों पर जाने और शाम के बाद सतर्क रहने की अपील की गई है। बाघ के अचानक गायब होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। संवाद