स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा
एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने पिछले साल 14 सितंबर 2022 को हुई इस वीभत्स घटना में 10 महीने 27 दिन तक सुनवाई की। 11 अगस्त को एडीजे राहुल सिंह प्रथम ने छह आरोपियों में चार को दोषी सिद्ध किया था। इसमें अदालत ने मुख्य रूप से सुनील उर्फ छोटू व जुनैद को दुष्कर्म के बाद हत्या का दोषी पाया, जबकि आरिफ और करीमुद्दीन को सबूत छिपाने व शव को लटकाने में मदद का दोषी पाया।
करीब 11 महीने तक चली इस सुनवाई में परिजन समेत 15 लोगों की गवाही हुई थी। 24 दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे गए थे। 40 वस्तुजनित साक्ष्य सौंपे गए थे। दोनों बहनों की पीएम रिपोर्ट, आयु प्रमाण पत्र, दोनो बहनों के कपड़े में फर्द दुपट्टा आदि को बतौर साक्ष्य शामिल किया गया। एक साल के अंदर ही निघासन कांड में जल्द सुनवाई पूरी कर एडीजे पॉक्सो अदालत ने मामले में सजा का एलान किया।