महंगाई का असर देशी और डालडा की मिठाइयों पर भी पड़ा है। बावजूद इसके भैय्यादूज पर एक करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। डालडा में चूं-चूं और मिल्क पुतिन, तो देशी घी में निचाश्ता, चंद्रकला की छाप रहेगी। बीते साल के सापेक्ष रॉ-मैटीरियल और लेबर चार्ज बढ़ने के कारण 10 फीसदी तक प्रॉफिट में कमी आने की उम्मीद है।
दिवाली सौ फीसदी मिठाई का त्योहार है। गांव-देहात में तो आज भी घरों में ही मिठाइयां बन जाती हैं, लेकिन शहरी लोग पूरी तरह मिष्ठान भंडारों पर ही आश्रित हैं। नए नामों से मिठाइयां भी उतारी जाती हैं। शहर के एक देशी घी मिष्ठान विक्रेता ने बताया कि रॉ मैटेरियल पर बेइंतहा महंगाई है। लेबर ढूंढे नहीं मिलती। हालांकि मुख्य बिक्री तो दिवाली और भैय्यादूज की होती है, फिर भी अन्य सालों को देखें, तो बाजार हल्का दिख रहा है। कहा, नए आइटम निचाश्ता, केसर रोल और चंद्रकला काफी पसंदीदा हैं। कंफेक्शनरी स्वामी अमित ने बताया कि सभी ब्रांडेड आइटम हैं। सोन पपड़ी की मांग बढ़ी है। इस बार तमाम कंपनियों ने काजू रोल और सोहनहलुवा नए कलेवर में उतारे हैं। जो लोगों की खासी पसंद भी हैं।
गोला की हुई जमकर खरीदारी
भैय्यादूज की पूर्व संध्या पर बाजार में फड़ लगाए बैठे गोला की महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। गोला का भाव 80 से 100 रुपये के बीच रहा। गोला व्यापारी मनीष गुप्ता ने बताया कि दूज पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग तो मंडी से आज ही गोला ले गए, लेकिन शहरी क्षेत्र में कल बिक्री होने के अच्छे आसार हैं।